नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को सीबीआई से कहा कि वह इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (आईएचएफएल) और संबंधित इकाइयों से जुड़े कथित संदिग्ध लेनदेन को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा लगाए गए सभी छह आरोपों की जांच करे।
इससे पहले 28 जुलाई को शीर्ष अदालत ने आईएचएफएल से जुड़े संदिग्ध लेनदेन के आरोपों पर चुप्पी साधे रखने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को फटकार लगाई थी।
अदालत ने उनके आचरण को चौंकाने वाला बताते हुए कहा था कि यह ‘आपसी साठगांठ का मामला’ प्रतीत होता है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने मंगलवार को जांच एजेंसियों की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू की दलीलों को सुना। राजू ने बताया कि ईडी ने छह आरोपों का उल्लेख किया था और पांच पहलुओं की जांच ईओडब्ल्यू द्वारा की जा रही है।
उन्होंने कहा कि जहां तक 1,575 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन से जुड़े छठे मुद्दे का सवाल है, सीबीआई ने मुंबई में एक विशेष पीएमएलए (धन शोधन निवारण अधिनियम) अदालत के समक्ष जांच की अनुमति मांगने के लिए एक आवेदन दायर किया है।
पीठ ने मुंबई के विशेष न्यायाधीश को निर्देश दिया कि 24 अगस्त को याचिका पर सुनवाई शुरू होने के दो सप्ताह के भीतर सीबीआई द्वारा आगे की जांच के आवेदन पर फैसला किया जाए।
भाषा अजय पाण्डेय
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