सैमसंग इंडिया ने शुरू की छंटनी, वरिष्ठ स्तर पर कार्यबल में कटौती : सूत्र
सैमसंग इंडिया ने शुरू की छंटनी, वरिष्ठ स्तर पर कार्यबल में कटौती : सूत्र
नयी दिल्ली, आठ सितंबर (भाषा) मोबाइल फोन और उपभोक्ता उपकरण क्षेत्र की प्रमुख कंपनी सैमसंग इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स ने मध्य से वरिष्ठ स्तर के 8-10 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। उद्योग सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि बढ़ती लागत तथा कमजोर उपभोक्ता मांग के बीच लागत युक्तिकरण की कवायद के तहत आने वाले सप्ताहों में 40-50 अन्य कर्मचारियों को हटाने की योजना है।
सूत्रों ने बताया कि यह छंटनी सैमसंग इंडिया के उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स (सीई) डिविजन में की जा रही है, जिसके अंतर्गत टेलीविजन, डिजिटल उपकरण और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार आते हैं।
उद्योग सूत्रों ने पीटीआई-भाषा को बताया कि पहले चरण में कंपनी ने सीई डिविजन से महाप्रबंधक, टीम नेतृत्वकर्ता और ब्रांच/एरिया मैनेजर से लेकर निदेशक स्तर तक के लगभग 8-10 कर्मचारियों को हटाया है। दूसरे दौर में, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया 40 से 50 अन्य लोगों की छंटनी कर सकती है।
इस कदम का मकसद कार्यबल को संतुलित करना और दक्षता बढ़ाना है, क्योंकि सैमसंग इंडिया को इस क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच सीई कारोबार में प्रतिद्वंद्वी कोरियाई और चीनी कंपनियों से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। इस टीम में लगभग 500 से 600 अधिकारी हैं।
इस घटनाक्रम पर सैमसंग इंडिया को भेजे गए सवाल का खबर लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं मिला। सूत्रों ने कहा कि सैमसंग देश भर में अपने कुछ शाखा कार्यालयों का भी विलय कर रही है, जिससे कुछ पदों में दोहराव की स्थिति बनेगी।
कंपनी ने हाल ही में अपनी पटना और रांची शाखाओं का विलय किया है। उन्होंने बताया कि इसी तरह की कवायद दिल्ली-गुरुग्राम और पंजाब-चंडीगढ़ शाखाओं के लिए भी की जा रही है, जिनका आपस में विलय होने की संभावना है।
वित्त वर्ष 2024-25 में 1.14 लाख करोड़ रुपये का राजस्व हासिल करने वाली सैमसंग को अपने सीई कारोबार से 10 से 12 प्रतिशत हिस्सा मिलता है, जबकि अधिकांश हिस्सा (लगभग 70 प्रतिशत) उसके मोबाइल फोन कारोबार से आता है।
सूत्रों ने बताया कि कंपनी के स्मार्टफोन प्रभाग में तत्काल नौकरियों में कटौती की आशंका नहीं है, क्योंकि सैमसंग को त्योहारी सत्र के दौरान बिक्री में सुधार की उम्मीद है, हालांकि बाद में इस कारोबार की समीक्षा की जा सकती है।
भाषा पाण्डेय अजय
अजय

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