संध्या देवनाथन ने एक दशक से अधिक बाद मेटा छोड़ा, ओपनएआई से जुड़ेंगी

संध्या देवनाथन ने एक दशक से अधिक बाद मेटा छोड़ा, ओपनएआई से जुड़ेंगी

संध्या देवनाथन ने एक दशक से अधिक बाद मेटा छोड़ा, ओपनएआई से जुड़ेंगी
Modified Date: August 28, 2026 / 09:09 pm IST
Published Date: August 28, 2026 9:09 pm IST

नयी दिल्ली, 28 अगस्त (भाषा) सोशल मीडिया कंपनी मेटा की भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया प्रमुख संध्या देवनाथन एक दशक से अधिक समय बाद पद छोड़ रही हैं और अब वह एआई कंपनी ओपनएआई में दक्षिण-पूर्व एशिया एवं ऑस्ट्रेलिया की उपाध्यक्ष बनने जा रही हैं।

चैटजीपीटी की संचालक कंपनी ओपनएआई ने शुक्रवार को बताया कि यह एक नव-सृजित पद है और इस भूमिका में देवनाथन दक्षिण-पूर्व एशिया एवं ऑस्ट्रेलिया में कंपनी की सबसे वरिष्ठ अधिकारी होंगी। वह उपभोक्ता वृद्धि, उद्यमों में एआई को अपनाने, साझेदारियों, नियामकीय मामलों और परिचालन से जुड़े काम की जिम्मेदारी संभालेंगी।

देवनाथन सिंगापुर में रहकर काम करेंगी और एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिए ओपनएआई के प्रबंध निदेशक किरण मणि को रिपोर्ट करेंगी। हालांकि उनके ओपनएआई से जुड़ने की तारीख तत्काल पता नहीं चल सकी।

यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब ओपनएआई एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। कंपनी ने पिछले दो वर्षों में सिंगापुर, तोक्यो, सोल, सिडनी एवं दिल्ली में स्थानीय कार्यालय खोले हैं तथा क्षेत्रीय नेतृत्व टीम का भी विस्तार किया है।

ओपनएआई ने जून में प्रभजीत सिंह को भारतीय क्षेत्र का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया था। भारत कंपनी के प्रमुख बाजारों में शामिल है। कंपनी ने नवंबर 2025 में नयी दिल्ली में अपना पहला कार्यालय खोला था।

देवनाथन ने एक दशक से अधिक समय बाद मेटा छोड़ने की घोषणा करते हुए सोशल मीडिया मंच ‘लिंक्डइन’ पर इसे ‘मिश्रित भावनाओं’ वाला फैसला बताया। उन्होंने कहा कि वह अगली जिम्मेदारी शुरू करने से पहले कुछ समय का अवकाश लेंगी।

उन्होंने मेटा में अपने कार्यकाल के दौरान भारत में व्हाट्सऐप के जरिये सरकारी नागरिक सेवाओं और दक्षिण-पूर्व एशिया में छोटे कारोबारों तथा स्टार्टअप के विस्तार से जुड़े काम का उल्लेख किया।

देवनाथन के पास प्रौद्योगिकी और वित्तीय सेवा क्षेत्रों का 25 साल लंबा अनुभव है। वह 2016 में मेटा से जुड़ी थीं और उन्होंने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में कई नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाईं। इनमें कंपनी के एशिया-प्रशांत गेमिंग कारोबार की अगुवाई और सिंगापुर एवं वियतनाम में कंपनी की मौजूदगी बढ़ाने में योगदान देना शामिल है।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण


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