(SBI IMPS Charges/ Image Credit: ANI News)
नई दिल्ली: SBI IMPS Charges देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों के लिए ट्रांजैक्शन चार्ज से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। अगर आपका भी SBI में खाता है, तो यह खबर आपके लिए अहम है। नए नियमों का असर डिजिटल ट्रांजैक्शन और ATM इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों पर पड़ सकता है।
SBI ने IMPS यानी Immediate Payment Service के जरिए किए जाने वाले ऑनलाइन ट्रांजैक्शन पर सर्विस चार्ज लगाने का फैसला किया है। हालांकि राहत की बात यह है कि यह चार्ज केवल 25,000 रुपये से ज्यादा की रकम भेजने पर ही लगेगा। 25,000 रुपये तक के IMPS ट्रांजैक्शन पहले की तरह बिल्कुल फ्री रहेंगे, चाहे आप इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग या Yono ऐप का इस्तेमाल करें।
अब IMPS के जरिए ज्यादा रकम भेजने पर अलग-अलग स्लैब के अनुसार चार्ज देना होगा। 25,000 से 1 लाख रुपये तक: 2 रुपये + GST, 1 लाख से 2 लाख रुपये तक: 6 रुपये + GST और 2 लाख से 5 लाख रुपये तक: 10 रुपये + GST लगेगा। जितनी ज्यादा रकम ट्रांसफर होगी, चार्ज भी उसी हिसाब से बढ़ेगा। हालांकि ये शुल्क बहुत ज्यादा नहीं है। SBI का यह नया IMPS चार्ज 15 फरवरी 2026 से लागू होगा।
SBI ने स्पष्ट किया है कि ब्रांच के जरिए किए जाने वाले IMPS ट्रांजैक्शन पर चार्ज में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके अलावा कुछ खास अकाउंट कैटेगरी को नए IMPS चार्ज से छूट मिलती रहेगी। इनमें DSP, PMSP, ICSP, CGSP, PSP, RSP अकाउंट, शौर्य फैमिली पेंशन अकाउंट और SBI रिश्ते फैमिली सेविंग्स अकाउंट शामिल हैं।
SBI ने ATM और ADWM (Automated Deposit and Withdrawal Machine) चार्ज में भी संशोधन किया है, जो 1 दिसंबर 2025 से लागू होंगे। दूसरे बैंकों के ATM से तय फ्री लिमिट से ज्यादा बार पैसे निकालने पर 23 रुपये + GST देना होगा। सैलरी अकाउंट होल्डर्स को हर महीने 10 फ्री ट्रांजैक्शन मिलते रहेंगे। वहीं, BSBD अकाउंट, SBI डेबिट कार्ड और किसान क्रेडिट कार्ड खातों को बढ़े हुए चार्ज से बाहर रखा गया है।