सेबी ने निवेश सलाहकारों, शोध विश्लेषकों के लिए ‘पार्व’ नामांकन की समयसीमा तीन सितंबर तक बढ़ाई

सेबी ने निवेश सलाहकारों, शोध विश्लेषकों के लिए 'पार्व' नामांकन की समयसीमा तीन सितंबर तक बढ़ाई

सेबी ने निवेश सलाहकारों, शोध विश्लेषकों के लिए ‘पार्व’ नामांकन की समयसीमा तीन सितंबर तक बढ़ाई
Modified Date: August 3, 2026 / 08:17 pm IST
Published Date: August 3, 2026 8:17 pm IST

नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने सोमवार को निवेश सलाहकारों और शोध विश्लेषकों के लिए ‘पूर्व जोखिम एवं प्रतिफल सत्यापन एजेंसी’ (पार्व) के साथ नामांकन की समयसीमा एक महीने बढ़ाकर तीन सितंबर, 2026 कर दी है।

इससे पहले नामांकन की समयसीमा तीन अगस्त, 2026 थी।

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक परिपत्र में कहा कि उद्योग प्रतिभागियों द्वारा पार्व नामांकन के लिए अधिक समय मांगने के बाद यह विस्तार किया गया।

नियामक ने कहा, ”उचित विचार-विमर्श के बाद सेबी ने ढांचे के सुचारू और निर्बाध कार्यान्वयन को सुविधाजनक बनाने के लिए समयसीमा को तीन सितंबर, 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।” पार्व इस साल चार मई से चालू हुआ था।

मौजूदा या संभावित ग्राहकों के साथ पिछले प्रदर्शन के प्रमाणित आंकड़े साझा करने की इच्छा रखने वाले निवेश सलाहकारों और शोध विश्लेषकों के लिए पार्व के साथ नामांकन करना अनिवार्य है।

भाषा पाण्डेय अजय

अजय


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