सेबी ने सीडीएसएल पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया

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सेबी ने सीडीएसएल पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया

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  • Publish Date - July 20, 2026 / 09:20 PM IST,
    Updated On - July 20, 2026 / 09:20 PM IST

नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने सोमवार को सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (सीडीएसएल) पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। यह जुर्माना नवंबर 2022 में हुए मैलवेयर हमले से जुड़ी साइबर सुरक्षा खामियों के कारण लगाया गया, जिससे कंपनी की प्रणाली बाधित हुई थी।

हालांकि, नियामक ने पूर्व मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी, राजेश नाडकर्णी और पूर्व मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी, अमित महाजन के खिलाफ चल रही जांच की कार्यवाही को बिना किसी आर्थिक जुर्माने के खत्म कर दिया। नियामक ने माना कि इन खामियों के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

यह आदेश 18 नवंबर, 2022 को हुए मैलवेयर हमले के मामले में आया है, जिसने सीडीएसएल के कई अहम प्रणाली को बाधित कर दिया था।

बाजार नियामक ने अपने 88 पन्नों के आदेश में कहा कि सीडीएसएल अपने इंटरनेट-फेसिंग ‘एक्टिव डायरेक्टरी फेडरेशन सर्विसेज’ (एडीएफएस) सर्वर को अहम संपत्ति के तौर पर वर्गीकृत करने में नाकाम रहा। साथ ही, कंपनी ने इसे ‘’वल्नरेबिलिटी असेसमेंट एंड पेनेट्रेशन टेस्टिंग’ (वीएपीटी) से बाहर रखा और नियामकीय नियमों के बावजूद बुनियादी साइबर सुरक्षा उपाय लागू नहीं किए।

जुर्माना तय करते समय, नियामक ने बाजार की अखंडता और निवेशकों का भरोसा बनाए रखने में डिपॉजिटरी की अहम भूमिका को ध्यान में रखा। उसने कहा कि ऐसे बाजार बुनियादी ढांचा संस्थानों में साइबर जोखिमों का असर सिर्फ उस संस्था तक सीमित नहीं रहता।

साथ ही, सेबी ने कहा कि उसने मैलवेयर हमले के बाद सीडीएसएल द्वारा उठाए गए सुधारात्मक कदमों और साइबर सुरक्षा घटनाओं की रिपोर्टिंग के लिए अपनी मानक परिचालन प्रक्रिया के तहत पहले ही अलग से लगाए गए 10 लाख रुपये के वित्तीय दंड पर भी विचार किया।

इसके अनुसार, नियामक ने सीडीएसएल पर नियामक द्वारा निर्धारित विभिन्न साइबर सुरक्षा और साइबर सुरक्षा की जरूरतों का पालन न करने के लिए सेबी अधिनियम के तहत 90 लाख रुपये और डिपॉजिटरी एक्ट के तहत 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

नियामक ने सीडीएसएल को 45 दिनों के भीतर जुर्माना भरने का निर्देश दिया।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण