नयी दिल्ली, 10 जून (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने बुधवार को म्यूचुअल फंड का प्रबंधन करने वाली कंपनियों (एएमसी) के वरिष्ठ प्रबंधन के वेतन से जुड़े खुलासा नियमों में ढील देने का प्रस्ताव रखा।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की तरफ से जारी परामर्श पत्र में शीर्ष पदाधिकारियों के वेतन के बारे में व्यक्तिगत जानकारी देने का प्रावधान हटाकर सामूहिक रूप में जानकारी देने की बात कही गई है।
मौजूदा व्यवस्था में मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ), मुख्य निवेश अधिकारी (सीआईओ), मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) तथा उच्च वेतन पाने वाले शीर्ष 10 कर्मचारियों के वेतन का अपनी वेबसाइट पर नाम सहित खुलासा करना होता है।
सेबी ने कहा कि इस खुलासा प्रावधान में बदलाव से वरिष्ठ प्रबंधन के कुल वेतन का समग्र आकलन संभव होगा और गोपनीयता एवं अनुपातिकता जैसे पहलुओं का भी ध्यान रखा जा सकेगा।
मौजूदा नियमों के तहत म्यूचुअल फंड कंपनियों को उन सभी कर्मचारियों का भी वेतन बताना होता है, जिनकी सालाना आय 1.02 करोड़ रुपये या उससे अधिक है।
प्रस्ताव के अनुसार अब इस तरह के खुलासे व्यक्तिगत स्तर पर नहीं, बल्कि कुल राशि और संबंधित कर्मचारियों की संख्या के रूप में किए जाएंगे।
सेबी ने स्पष्ट किया कि सूचीबद्ध एएमसी पहले से ही कंपनी कानून और सूचीबद्धता नियमों के तहत विस्तृत खुलासा करते हैं, जबकि गैर-सूचीबद्ध एएमसी का ढांचा अलग है और दोनों की सीधे तुलना नहीं की जा सकती है।
इसके अलावा, नियामक ने कोष प्रबंधकों के वेतन को लेकर भी नया प्रस्ताव रखा है। इसके तहत सार्वजनिक रूप से अलग से वेतन बताने के बजाय, निवेशकों के अनुरोध पर संबंधित योजना के स्तर पर कुल वेतन की जानकारी उपलब्ध कराई जा सकती है।
उद्योग के प्रतिभागियों ने तर्क दिया था कि व्यक्तिगत वेतन का खुलासा गोपनीयता के लिहाज से संवेदनशील है और इससे प्रतिभा आकर्षित करने में एएमसी को नुकसान हो सकता है।
सेबी ने इन प्रस्तावों पर 30 जून तक सार्वजनिक टिप्पणियां आमंत्रित की हैं।
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प्रेम रमण
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