(सागर कुलकर्णी)
वाशिंगटन, 10 जून (भाषा) अमेरिका की विदेश उप मंत्री (सार्वजनिक कूटनीति) सारा रोजर्स ने मंगलवार को कहा कि भारत क्वांटम कंप्यूटिंग और आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों में अमेरिका का एक भरोसेमंद भागीदार है।
रोजर्स इन दिनों भारत, नेपाल, उज्बेकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान की यात्रा पर हैं। उनकी इस यात्रा का उद्देश्य वाणिज्यिक कूटनीति, सांस्कृतिक विरासत संरक्षण, डिजिटल स्वतंत्रता और नवाचार को बढ़ावा देना है।
उन्होंने तुर्कमेनिस्तान की राजधानी अशगाबात से संवाददाताओं से ऑनलाइन बातचीत में कहा, “भारत क्वांटम कंप्यूटिंग और आपूर्ति शृंखला जैसे क्षेत्रों में हमारे भरोसेमंद साझेदारों में से एक है। मेरा मानना है कि यह दक्षिण और पश्चिम एशिया में ट्रंप प्रशासन की प्राथमिकताओं के ठोस क्रियान्वयन का एक उदाहरण है।”
रोजर्स पिछले महीने नयी दिल्ली आई थीं, जहां उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली में ‘ट्रांसफॉर्मिंग द रिलेशनशिप यूटिलाइजिंग स्ट्रैटेजिक टेक्नोलॉजी’ (ट्रस्ट) पहल पर भाषण दिए थे।
उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि यह (‘ट्रस्ट’) उन कई ठोस पहलों में से एक है, जो क्षेत्र में हमारे महत्वपूर्ण रणनीतिक हितों को आगे बढ़ाने में मदद करती हैं।”
रोजर्स ने बताया कि उन्होंने ‘क्वाड’ ढांचे के तहत विनिमय कार्यक्रमों में शामिल प्रतिभागियों से भी मुलाकात की।
उनकी भारत यात्रा क्वाड के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद हुई। यह बैठक 24 मई को हुई थी, जिसमें अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो शामिल हुए थे।
रोजर्स ने कहा कि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच कई ऐसे बिंदु हैं जहां दोनों देशों में समानताएं हैं।
भाषा यासिर रमण
रमण