नयी दिल्ली, 10 जून (भाषा) केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि पंजाब में चल रहे खरीफ सत्र के लिए खाद की पर्याप्त आपूर्ति की स्थिति है।
केंद्रीय उर्वरक मंत्रालय ने कहा कि पंजाब के लिए खाद की आपूर्ति-श्रृंखला को बेहतर बनाए रखा गया है। मंत्रालय ने खरीफ 2026 सत्र के लिए कुल 14.50 लाख टन की जरूरत के मुकाबले 10.71 लाख टन खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की है। साथ ही, नौ जून तक 9 लाख टन की अनुमानित जरूरत को भी पूरा किया गया है।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि आपूर्ति की गई इस मात्रा में से राज्य में यूरिया की असल बिक्री 6.25 लाख टन की हुई, जिससे 4.46 लाख टन का भंडार तुरंत इस्तेमाल के लिए उपलब्ध है।
इसके अलावा, 0.39 लाख टन यूरिया की अतिरिक्त मात्रा अभी पंजाब भेजी जा रही है।
राज्य सरकार के रिकॉर्ड से जमीनी स्तर पर हुई जांच से पता चलता है कि राज्य में धान की रोपाई अभी पूरी तरह शुरू नहीं हुई है, इसलिए मौजूदा स्टॉक खेतों की जरूरतों को आसानी से पूरा करने के लिए काफी है।
खासकर अमृतसर जिले में, अब तक कुल 64,720 टन खाद उपलब्ध कराई गई है। आज की तारीख तक, अकेले इस जिले में 32,956 टन यूरिया का अच्छा-खासा भंडार मौजूद है।
स्टॉक की यह मजबूत स्थिति खरीफ सत्र से पहले मंत्रालय द्वारा अपनाई गई तेजी से स्टॉक पहले से जमा करने की रणनीतियों का सीधा नतीजा है।
जनवरी-मार्च के दौरान, केंद्र ने 3.50 लाख टन की कुल यूरिया जरूरत के मुकाबले 6.08 लाख टन यूरिया की आपूर्ति की। यानी व्यस्ततम महीनों की जरूरतों को पूरा करने के लिए 2.58 लाख टन अतिरिक्त यूरिया दिया गया।
मार्च और नौ जून के बीच, राज्य में यूरिया की बिक्री में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह बिक्री 7.86 लाख टन रही, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह बिक्री 7.10 लाख टन की थी।
ऐसा रबी 2025-26 सत्र के बाद हुआ है, जिसमें पंजाब में यूरिया की कुल जरूरत 15 लाख टन थी और मंत्रालय ने 19.43 लाख टन की उपलब्धता सुनिश्चित की थी।
मंत्रालय ने कहा, ‘‘हालांकि इतनी बड़ी मात्रा में उठाव से राज्य सरकार के पास मौजूद बफर पर असर पड़ा होगा, लेकिन केंद्र सरकार ने लगातार आपूर्ति बनाए रखकर पाइपलाइन को स्थिर कर लिया है।’’
उर्वरक मंत्रालय ने बाहरी चुनौतियों के बावजूद, घरेलू स्तर पर सक्रिय नीतिगत कदम उठाकर भारतीय कृषि को अंतरराष्ट्रीय झटकों से बचाया है।
भाषा राजेश राजेश रमण
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