वैश्विक अनिश्चितताओं, कच्चे तेल में तेजी के साथ सेंसेक्स 1,690 अंक लुढ़का, निफ्टी भी नुकसान में

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वैश्विक अनिश्चितताओं, कच्चे तेल में तेजी के साथ सेंसेक्स 1,690 अंक लुढ़का, निफ्टी भी नुकसान में

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  • Publish Date - March 27, 2026 / 06:14 PM IST,
    Updated On - March 27, 2026 / 06:14 PM IST

मुंबई, 27 मार्च (भाषा) स्थानीय शेयर बाजारों में शुक्रवार को दो दिन की तेजी थम गयी और बीएसई सेंसेक्स 1,690 अंक लुढ़क गया जबकि एनएसई निफ्टी में 487 अंक की गिरावट आई। वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख और पश्चिम एशिया में संघर्ष में कमी आने के संकेत के अभाव में बाजार में गिरावट आई।

कारोबारियों के अनुसार कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहने, रुपये में गिरावट और विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भी बाजार की धारणा को कमजोर किया।

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,690.23 अंक यानी 2.25 प्रतिशत गिरकर 73,583.22 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 1,739.04 अंक टूटकर 73,534.41 तक पहुंच गया।

बीएसई में सूचीबद्ध कुल शेयरों में से 3,544 शेयरों में गिरावट, 822 में बढ़त और 135 शेयर स्थिर रहे।

एनएसई का 50 शेयरों वाला निफ्टी 486.85 अंक यानी 2.09 प्रतिशत गिरकर 22,819.60 पर बंद हुआ।

छुट्टियों के कारण कम कारोबारी दिवस वाले सप्ताह में, बीएसई सेंसेक्स 949.74 अंक टूटा और निफ्टी 294.9 अंक नीचे आ गया।

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (अनुसंधान) अजीत मिश्रा ने कहा, ‘अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण निवेशकों की धारणा कमजोर रही। इस संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार चली गईं। लगातार विदेशी निवेशकों की बिकवाली और रुपये में गिरावट ने जोखिम लेने की क्षमता और कम कर दी।’

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में सबसे ज्यादा 4.55 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, उसके बाद इंटरग्लोब एविएशन, बजाज फाइनेंस, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इटरनल और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में भी गिरावट आई।

वहीं टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, भारती एयरटेल और पावर ग्रिड कॉरपोरेशन में बढ़त दर्ज की गई।

बीएसई मिडकैप सिलेक्ट सूचकांक में 2.12 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि स्मॉलकैप सिलेक्ट सूचकांक 1.77 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।

अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.72 प्रतिशत बढ़कर 109.9 डॉलर प्रति बैरल हो गया। रुपया 86 पैसे कमजोर होकर 94.82 के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ।

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का ‘कॉस्पी’ और जापान का ‘निक्की नुकसान में रहे, जबकि शंघाई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग कस हैंगसेंग बढ़त के साथ बंद हुए।

यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर कारोबार में गिरावट का रुख था। अमेरिकी बाजार बृहस्पतिवार को तेज गिरावट के साथ बंद हुए।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘हाल में दो सत्रों की तेजी के बाद मुनाफावसूली शुरू हो गई क्योंकि एफआईआई की निरंतर बिकवाली के बीच रुपया सर्वकालिक निचले स्तर पर आ गया, जबकि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने सप्ताहांत से पहले निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ा दी।’’

उल्लेखनीय है कि बृहस्पतिवार को रामनवमी के कारण शेयर बाजार बंद रहे थे।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 1,805.37 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 5,429.78 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

भाषा योगेश रमण

रमण