मुंबई, 12 मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया में संकट के कारण कच्चे तेल के दाम में तेजी का असर घरेलू शेयर बाजार पर पड़ना जारी है। स्थानीय शेयर बाजारों में बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट आई और बीएसई सेंसेक्स 829 अंक टूटा, जबकि एनएसई निफ्टी 228 अंक के नुकसान में रहा।
विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक बाजारों में सुस्ती, रुपये में गिरावट और लगातार विदेशी पूंजी की निकासी से भी निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।
उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 829.29 अंक यानी 1.08 प्रतिशत टूटकर 76,034.42 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 992.53 अंक लुढ़क कर 75,871.18 अंक पर आ गया था।
इसी तरह, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 227.70 अंक यानी 0.95 प्रतिशत टूटकर 23,639.15 अंक पर बंद हुआ।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘पश्चिम एशिया में तनाव वैश्विक जोखिम लेने की प्रवृत्ति को कम कर रहा है। इसका कारण तेल परिवहन जहाजों पर नए हमलों ने कच्चे तेल की कीमतों को 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचा दिया है। इससे मुद्रास्फीति और गैस आपूर्ति की कमी को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘बाजार में व्यापक स्तर पर गिरावट देखने को मिल रही है। हालांकि, नवीकरणीय ऊर्जा और जन-उपयोगी सेवाओं से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में चुनिंदा खरीदारी हुई है। निकट भविष्य में, जोखिम से बचने की धारणा और विदेशी निवेशकों (एफआईआई) की पूंजी निकासी जारी रहने से शेयर बाजार और रुपये दोनों पर दबाव बना रह सकता है।’’
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा में सबसे ज्यादा 4.23 प्रतिशत गिरावट आई। इसके अलावा मारुति, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, अल्ट्राटेक सीमेंट और ट्रेंट भी प्रमुख रूप से नुकसान में रहीं।
दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में एनटीपीसी, पावर ग्रिड, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल हैं।
छोटी कंपनियों से जुड़ा बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.65 प्रतिशत के नुकसान में रहा, जबकि मझोली कंपनियों का मिडकैप 0.55 प्रतिशत नीचे आया।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 4.78 प्रतिशत चढ़कर 96.47 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘हाल की गिरावट के बाद तेल की कीमतों में फिर से उछाल आया है और यह 97 डॉलर के आसपास बनी हुई हैं। इससे मुद्रास्फीति पर दबाव, रुपये में गिरावट और व्यापार संतुलन पर संभावित प्रभाव को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इसके अलावा, बढ़ी हुई अस्थिरता ने बाजार प्रतिभागियों के बीच जोखिम लेने की प्रवृत्ति को और कम कर दिया है।’’
इस बीच, बृहस्पतिवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति फरवरी में बढ़कर 3.21 प्रतिशत हो गई, जबकि पिछले महीने यह 2.74 प्रतिशत थी।
एशिया के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ बंद हुए।
यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में गिरावट का रुख था। अमेरिकी बाजार बुधवार को ज्यादातर गिरावट के साथ बंद हुए थे।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 6,267.31 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 4,965.53 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
सेंसेक्स बुधवार को 1,342.27 अंक लुढ़क कर 76,863.71 अंक पर बंद हुआ था जबकि निफ्टी 394.75 अंक टूटकर 23,866.85 अंक पर रहा था।
भाषा रमण अजय
अजय