व्यापक बिकवाली के दबाव में टूटा शेयर बाजार, सेंसेक्स 770 अंक लुढ़का

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व्यापक बिकवाली के दबाव में टूटा शेयर बाजार, सेंसेक्स 770 अंक लुढ़का

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  • Publish Date - January 23, 2026 / 07:20 PM IST,
    Updated On - January 23, 2026 / 07:20 PM IST

(चार्ट के साथ)

मुंबई, 23 जनवरी (भाषा) अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने और चौतरफा बिकवाली के दबाव में स्थानीय शेयर बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स करीब 770 अंक लुढ़क गया जबकि निफ्टी में 241 अंक की गिरावट दर्ज की गई।

कारोबारियों ने कहा कि निवेशकों के सुरक्षित निवेश वाली परिसंपत्तियों का रुख करने और विदेशी पूंजी की लगातार निकासी से निवेशक धारणा कमजोर रही।

बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 769.67 अंक यानी 0.94 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81,537.70 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 835.55 अंक फिसलकर 81,471.82 के निचले स्तर तक आ गया था।

एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 241.25 अंक यानी 0.95 प्रतिशत टूटकर 25,048.65 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय निफ्टी 25,025.30 अंक तक फिसल गया था।

सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से अदाणी पोर्ट्स, इंडिगो, एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व, पावर ग्रिड, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, भारतीय स्टेट बैंक, मारुति सुजुकी, बजाज फाइनेंस, एनटीपीसी, ट्रेंट, एलएंडटी और रिलायंस इंडस्ट्रीज में प्रमुख रूप से गिरावट रही।

दूसरी तरफ, टेक महिंद्रा, हिंदुस्तान यूनिलीवर, इन्फोसिस, एशियन पेंट्स, टीसीएस, टाइटन और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर लाभ के साथ बंद हुए।

व्यापक बाजार में छोटी कंपनियों का बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 2.19 प्रतिशत और मझोली कंपनियों का मिडकैप सूचकांक 1.56 प्रतिशत टूट गया।

बीएसई पर सूचीबद्ध कुल 2,989 कंपनियों के शेयर गिरकर बंद हुए जबकि 1,229 शेयरों में तेजी रही और 143 अन्य अपरिवर्तित रहे।

इस गिरावट के कारण बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 6,95,963.98 करोड़ रुपये घटकर 4,51,56,045.07 करोड़ रुपये यानी 4.93 लाख करोड़ डॉलर रह गया।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘अनुकूल वैश्विक बाजार और घरेलू पीएमआई आंकड़ों के बावजूद भारतीय बाजार में बिकवाली का रुझान दिखा। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, रुपये की कमजोरी, एफआईआई की बिकवाली और कंपनियों के परिणामों का उम्मीद से कमजोर रहना बाजार पर दबाव का कारण बना।’

उन्होंने कहा कि रियल्टी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक शेयर भी निष्पादन में देरी और मुनाफा लेने की वजह से कमजोर रहे जबकि अदाणी समूह के शेयरों में दबाव रहा।

साप्ताहिक आधार पर शेयर बाजार में खासी कमजोरी दर्ज की गई। इस हफ्ते सेंसेक्स कुल 2,032.65 अंक यानी 2.43 प्रतिशत गिर गया जबकि निफ्टी में कुल 645.7 अंक यानी 2.51 प्रतिशत की गिरावट रही।

इस सप्ताह बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों के पूंजीकरण में कुल 16,28,561.85 करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई।

लेमन मार्केट्स डेस्क के गौरव गर्ग ने कहा, ‘भारतीय बाजारों से विदेशी पूंजी की निकासी जारी रहने और हल्की तेजी पर बिकवाली की रणनीति से गिरावट आई। इसके अलावा आईसीआईसीआई बैंक और एचसीएल टेक जैसी प्रमुख कंपनियों के सुस्त तिमाही नतीजों ने भी कारोबारी धारणा पर असर डाला।’

शेयर बाजार से मिले आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को 2,549.80 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 4,222.98 करोड़ रुपये की खरीदारी की।

एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक बढ़त में बंद हुए।

यूरोपीय बाजार कमजोरी के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार बृहस्पतिवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।

इस बीच, रुपये ने डॉलर के मुकाबले 92 के रिकॉर्ड निचले स्तर को छुआ और अंत में 91.88 (अस्थायी) पर बंद हुआ।

कमजोर डॉलर और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों के बीच सोना और चांदी वायदा कारोबार में नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 1.03 प्रतिशत बढ़कर 64.72 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 397.74 अंक चढ़कर 82,307.37 अंक और निफ्टी 132.40 अंक बढ़कर 25,289.90 अंक पर बंद हुआ था।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण