Iran Israel War Update: अचानक ईरान के समर्थन में उतरे ट्रंप..! इस जगह को लेकर कहा-अमेरिका करेगा सुरक्षा, दूसरे देशों से भी की ये अपील

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Iran Israel War Update: मध्य पूर्व में जारी अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तनावपूर्ण संघर्ष का आज 16वां दिन है। इस बीच समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंता सामने आई है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा को लेकर अन्य देशों से अपील की है।

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  • Publish Date - March 15, 2026 / 08:28 AM IST,
    Updated On - March 15, 2026 / 08:29 AM IST

iran israel war update/ image source: IBC24

HIGHLIGHTS
  • अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 16वां दिन
  • ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए अन्य देशों से अपील की
  • समुद्री मार्ग की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उठानी चाहिए: ट्रंप

Iran Israel War Update: तेल अवीव/तेहरान। मध्य पूर्व में जारी अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तनावपूर्ण संघर्ष का आज 16वां दिन है। इस बीच समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंता सामने आई है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा को लेकर अन्य देशों से अपील की है। उन्होंने कहा कि इस अहम समुद्री मार्ग की सुरक्षा केवल एक देश की जिम्मेदारी नहीं होनी चाहिए, बल्कि सभी देशों को मिलकर इसकी रक्षा की जिम्मेदारी उठानी चाहिए। गौर करने वाली बात है कि, अमेरिका और उसके सहयोगी

Iran Israel War: ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए अन्य देशों से अपील की

ट्रंप ने कहा कि अगर हालात बिगड़ते हैं तो इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अन्य देशों के साथ मिलकर होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते को सुरक्षित रखने के लिए कदम उठाने को तैयार है। उनका मानना है कि अगर इस मार्ग में किसी तरह की बाधा आती है तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।

दरअसल Strait of Hormuz वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम समुद्री मार्ग माना जाता है। इस रास्ते से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल का व्यापार होता है। खाड़ी देशों से निकलने वाला तेल इसी मार्ग के जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है। यही वजह है कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा को लेकर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं।

Iran Israel War: WHO ने की 14 हेल्थ वर्कर्स की मौत की पुष्टि

उधर, मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष का आज 16वां दिन है। इसी बीच लेबनान में एक बड़ा हमला सामने आया है। जानकारी के अनुसार इजरायल ने लेबनान के एक स्वास्थ्य केंद्र को निशाना बनाते हुए हमला किया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हमले के समय वहां मरीजों का इलाज चल रहा था और कई स्वास्थ्य कर्मी ड्यूटी पर मौजूद थे। अचानक हुए इस हमले के बाद आसपास के लोगों में डर का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित जगहों की ओर भागते दिखाई दिए।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस हमले में 14 हेल्थ वर्कर्स की मौत की पुष्टि की है। संगठन के अनुसार ये सभी स्वास्थ्य कर्मचारी लोगों का इलाज और मदद कर रहे थे, तभी यह हमला हुआ। इसके अलावा इस हमले में कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं। घायलों को तुरंत पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, इसलिए मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। फिलहाल इस हमले के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया है और राहत तथा बचाव कार्य जारी हैं।

‘देश की रक्षा के लिए हर बलिदान को तैयार’

Iran-US conflict Update:  पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने साफ कर दिया है कि फिलहाल वह अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत के पक्ष में नहीं है। भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि मौजूदा हालात में वार्ता का कोई सवाल ही नहीं उठता और अगर स्थिति ऐसी ही बनी रहती है तो ईरान लंबे समय तक युद्ध का सामना करने के लिए तैयार है।

Iran-US conflict Update:  समाचार एजेंसी ANI को दिए एक इंटरव्यू में इलाही ने कहा कि ईरान की सड़कों पर आज भी लोगों में गुस्सा और प्रतिरोध की भावना साफ दिखाई दे रही है। उनके मुताबिक लोग खुलकर कह रहे हैं कि वे अपने देश की रक्षा के लिए हर बलिदान देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, “लोग कह रहे हैं कि हम खून दे देंगे, लेकिन अपनी जमीन नहीं देंगे।” इलाही के अनुसार ईरान ऐसा देश नहीं है जो विरोधियों के दबाव में झुक जाए। यदि हालात ऐसे ही बने रहे तो देश लंबे समय तक संघर्ष जारी रखने की क्षमता रखता है।

पहले भी लंबे युद्ध झेल चुका है ईरान (Iran refuses talks with US)

इलाही ने कहा कि ईरान पहले भी लंबे और कठिन युद्धों का सामना कर चुका है, इसलिए मौजूदा परिस्थितियों से निपटने का अनुभव उसके पास मौजूद है। उन्होंने दोहराया कि देश किसी भी दबाव के सामने झुकने वाला नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा संकट सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया पर दिखाई दे रहा है। ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता इसका बड़ा उदाहरण है। इलाही के मुताबिक गैस, पेट्रोल और कच्चे तेल की आपूर्ति पर भी इस टकराव का प्रभाव पड़ रहा है, जिससे वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ गई है।

‘ईरान युद्ध नहीं चाहता था’ (Middle East tension update)

Iran-US conflict Update:  इलाही ने कहा कि ईरान शुरू से ही क्षेत्र में युद्ध नहीं चाहता था। तेहरान ने कई बार पड़ोसी देशों से अपील की थी कि वे मिलकर हालात को बिगड़ने से रोकने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया पहले ही कई संघर्षों का सामना कर चुका है और यह क्षेत्र एक और बड़े युद्ध का बोझ नहीं उठा सकता। इलाही ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की कि स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए अमेरिका पर दबाव बनाया जाए। उन्होंने कहा कि ईरान को दूसरों की परेशानी से कोई खुशी नहीं है, लेकिन देश की स्वतंत्रता, सम्मान और सुरक्षा की रक्षा करना उसकी मजबूरी है।

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