Iran-US conflict Update/Image Source: ANI
Iran-US conflict Update: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने साफ कर दिया है कि फिलहाल वह अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत के पक्ष में नहीं है। भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि मौजूदा हालात में वार्ता का कोई सवाल ही नहीं उठता और अगर स्थिति ऐसी ही बनी रहती है तो ईरान लंबे समय तक युद्ध का सामना करने के लिए तैयार है।
Iran-US conflict Update: समाचार एजेंसी ANI को दिए एक इंटरव्यू में इलाही ने कहा कि ईरान की सड़कों पर आज भी लोगों में गुस्सा और प्रतिरोध की भावना साफ दिखाई दे रही है। उनके मुताबिक लोग खुलकर कह रहे हैं कि वे अपने देश की रक्षा के लिए हर बलिदान देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, “लोग कह रहे हैं कि हम खून दे देंगे, लेकिन अपनी जमीन नहीं देंगे।” इलाही के अनुसार ईरान ऐसा देश नहीं है जो विरोधियों के दबाव में झुक जाए। यदि हालात ऐसे ही बने रहे तो देश लंबे समय तक संघर्ष जारी रखने की क्षमता रखता है।
इलाही ने कहा कि ईरान पहले भी लंबे और कठिन युद्धों का सामना कर चुका है, इसलिए मौजूदा परिस्थितियों से निपटने का अनुभव उसके पास मौजूद है। उन्होंने दोहराया कि देश किसी भी दबाव के सामने झुकने वाला नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा संकट सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया पर दिखाई दे रहा है। ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता इसका बड़ा उदाहरण है। इलाही के मुताबिक गैस, पेट्रोल और कच्चे तेल की आपूर्ति पर भी इस टकराव का प्रभाव पड़ रहा है, जिससे वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ गई है।
Iran-US conflict Update: इलाही ने कहा कि ईरान शुरू से ही क्षेत्र में युद्ध नहीं चाहता था। तेहरान ने कई बार पड़ोसी देशों से अपील की थी कि वे मिलकर हालात को बिगड़ने से रोकने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया पहले ही कई संघर्षों का सामना कर चुका है और यह क्षेत्र एक और बड़े युद्ध का बोझ नहीं उठा सकता। इलाही ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की कि स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए अमेरिका पर दबाव बनाया जाए। उन्होंने कहा कि ईरान को दूसरों की परेशानी से कोई खुशी नहीं है, लेकिन देश की स्वतंत्रता, सम्मान और सुरक्षा की रक्षा करना उसकी मजबूरी है।