नयी दिल्ली, 17 जून (भाषा) नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बुधवार को इस क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए हरित हाइड्रोजन प्रमाणीकरण पोर्टल की शुरुआत की।
एक बयान के अनुसार, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) द्वारा विकसित यह पोर्टल भारत की हरित हाइड्रोजन प्रमाणीकरण योजना के तहत पारदर्शी प्रमाणीकरण और नियमों के पालन में मदद करेगा।
जोशी ने मंत्रालय द्वारा आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान यह पोर्टल शुरू किया।
उन्होंने राज्यों से राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को आगे बढ़ाने में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि छह राज्यों ने पहले ही खास हरित हाइड्रोजन नीतियां घोषित कर दी हैं, जबकि सात अन्य राज्यों ने अपनी मौजूदा औद्योगिक और नवीकरणीय ऊर्जा नीति के ढांचे में हाइड्रोजन को शामिल किया है।
उन्होंने कहा कि चार और राज्य अपनी नीतियों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं।
घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने के प्रयासों पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि 15 कंपनियों को सालाना 3,000 मेगावाट की घरेलू इलेक्ट्रोलाइजर विनिर्माण क्षमता स्थापित करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन दिए गए हैं, जिससे आयातित आपूर्ति श्रृंखला पर निर्भरता कम होगी।
रिफाइनरी क्षेत्र में, उन्होंने बताया कि आईओसीएल, बीपीसीएल, एचपीसीएल और एनआरएल को 3,000 करोड़ टन प्रतिवर्ष (एमटीपीए) हरित हाइड्रोजन की आपूर्ति के लिए ठेका दिए गए हैं।
केंद्रीय मंत्री ने घोषणा की कि हरित हाइड्रोजन मिशन ने हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी पर काम करने वाले स्टार्टअप की मदद के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
उन्होंने कहा कि नौ स्टार्टअप की पहली सूची को मंजूरी दी जा रही है, जिसके लिए कुल 22 करोड़ रुपये का वित्तपोषण किया जायेगा।
भाषा राजेश राजेश अजय
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