मुंबई, 29 सितंबर (भाषा) भविष्य निधि (पीएफ) ढांचे में ईपीएफओ से छूट प्राप्त प्रतिष्ठान एक विशिष्ट और महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं, और वैधानिक निकाय होने के नाते इनके लिए अपने सदस्यों का विश्वास और भरोसा जीतना जरूरी है। एक शीर्ष अधिकारी ने मंगलवार को यह बात कही।
यहां बीएसई में छूट प्राप्त पीएफ प्रतिष्ठानों के नियोक्ताओं व न्यासियों के लिए आयोजित कार्यशाला में अतिरिक्त केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त (मुख्यालय) मुंबई, उमा मंडल ने कहा कि ईपीएफओ व्यवस्था बदलाव के दौर से गुजर रही है।
ईपीएफओ से छूट प्राप्त संगठन वह प्रतिष्ठान होता है जो कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 के अंतर्गत तो आता है, लेकिन ईपीएफओ से खातों का सीधा प्रबंधन कराने के बजाय अपने स्वयं के अनुमोदित पीएफ ट्रस्ट के माध्यम से कर्मचारियों के पीएफ का प्रबंधन करता है।
इस कार्यशाला का आयोजन ईपीएफओ के आंचलिक कार्यालय, मुंबई द्वारा बीएसई लिमिटेड के सहयोग से किया गया था।
मंडल ने कहा, ‘‘हम एक नियामक व्यवस्था से परामर्श और सलाहकार भूमिका के माहौल में बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं। इससे हमें अपनी प्रक्रियाओं की जांच करने, अपने शासन तंत्र को मजबूत करने, पारदर्शिता में सुधार करने और अपने सदस्यों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने का अवसर मिलता है।’’
भाषा अजय पाण्डेय
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