Vasundhra Raje Viral Letter News: पूर्व CM वसुंधरा राजे के ‘वायरल खत’ से खींची सियासी तलवार.. कांग्रेस कार्यकर्ताओं के गिरफ्तारी से भड़के नेता, बोले ये ‘सत्ता का दुरुपयोग’..

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Politics on Vasundhra Raje Viral Letter News: वसुंधरा राजे के वायरल पत्र पर सियासत तेज, कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी से भाजपा पर सत्ता दुरुपयोग के आरोप।

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  • Publish Date - April 21, 2026 / 09:38 PM IST,
    Updated On - April 21, 2026 / 09:38 PM IST

Politics on Vasundhra Raje Viral Letter News || Image- ANI News File

HIGHLIGHTS
  • वसुंधरा राजे के कथित वायरल पत्र से सियासत गरमाई।
  • कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर भाजपा पर आरोप।
  • नेताओं ने इसे सत्ता का दुरुपयोग बताया।

भोपाल: राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कथित पत्र को लेकर सियासत तेज हो गई है। (Politics on Vasundhra Raje Viral Letter News) मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली और मंशा पर सवाल खड़े किए हैं।

जीतू पटवारी ने खंडन पर उठायें सवाल

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि यह पत्र केवल एक राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि महिला आरक्षण की आड़ में संभावित परिसीमन जैसे गंभीर मुद्दे की ओर संकेत करता है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि इसमें उठाए गए सवाल लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि पत्र के सार्वजनिक होने के कुछ ही दिनों में उसका खंडन किया जाना कई संदेह पैदा करता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह खंडन स्वेच्छा से किया गया या किसी दबाव में।

कार्यकर्ताओं के गिरफ्तारी से भड़की कांग्रेस

दूसरी तरफ इस प्रकरण में राजस्थान पुलिस द्वारा भोपाल पहुंचकर कांग्रेस आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया हैं। इस गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस-भाजपा के बीच सियासी विवाद और गहराता जा रहा है। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। (Politics on Vasundhra Raje Viral Letter News) पार्टी की तरफ से आरोप लगाया गया है कि असहमति की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इसे कानून और लोकतंत्र दोनों के खिलाफ करार दिया है। जानकारी के मुताबिक़ कांग्रेस का एक डेलीगेशन इस गिरफ्तारी के विरोध में भोपाल के एमपी नगर थाने भी पहुंचा था और गिरफ्तारी का विरोध भी किया था।

इस प्रकरण में हरीश चौधरी ने X पर एक पोस्ट में कांग्रेस आईटी सेल के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को “अवैध” बताया और कहा कि यह लोकतांत्रिक सिद्धांतों का उल्लंघन है। उन्होंने अधिकारियों पर असहमति को दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाया और इस कदम को “सत्ता का दुरुपयोग” करार दिया।

इसी तरह विवेक तन्खा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भोपाल साइबर पुलिस ने श्रमिकों को बिना किसी वैध कारण के 27 घंटे से अधिक समय तक हिरासत में रखा। मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक को टैग करते हुए उन्होंने इस कार्रवाई पर “आश्चर्य और निराशा” व्यक्त की। तन्खा ने यहां तक कह दिया है कि, अगर कार्यकर्ताओं की जल्द रिहाई नहीं हुई तो इसके खिलाफ वे हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे।

क्या है वसुंधरा राजे के कथित पत्र का मामला?

बता दें कि, यह विवाद 18 अप्रैल को ऑनलाइन सामने आए एक पत्र के बाद शुरू हुआ था। इस पत्र को राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के नाम से जारी किया गया था। पत्र में आरएसएस चीफ मोहन भागवत संबोधित करते हुए महिला आरक्षण विधेयक मामले पर भाजपा और पार्टी नेताओं के कदम की आलोचना की गई थी। इस कथित पत्र में वसुंधरा राजे ने अपनी गहरी नाराजगी भी जाहिर की थी।

हालांकि पत्र के वायरल होने के बाद वसुंधरा राजे ने तुरंत इस पत्र को फर्जी बताकर खारिज कर दिया। X पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा था, “साँच को आँच की ज़रूरत नहीं है। वायरल पत्र शुभचिंतको की कारगुज़ारी मात्र है। (Politics on Vasundhra Raje Viral Letter News) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी देने के प्रयास का मैं ही नहीं, देश की हर महिला स्वागत कर रही है। यह भी तय मान लीजिए कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने वाले ऐसे लोग चौथी बार भी विपक्ष में ही बैठने की तैयारी कर चुके हैं। ऐसे लोग चाहे जितना भ्रम फैलाएँ, बाधाएँ उत्पन्न करें . . . देश की नारी शक्ति न रुकी है, न रुकेगी!”

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1. वसुंधरा राजे के वायरल पत्र का विवाद क्या है?

वसुंधरा राजे के नाम से कथित फर्जी पत्र वायरल हुआ था।

2. कांग्रेस ने इस मामले में क्या आरोप लगाए?

कांग्रेस पार्टी ने कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को सत्ता का दुरुपयोग बताया।

3. वसुंधरा राजे ने पत्र पर क्या प्रतिक्रिया दी?

उन्होंने पत्र को फर्जी बताते हुए इसे विरोधियों की साजिश करार दिया।