चार्टर्ड अकाउंटेंट के मानकों को कमजोर नहीं किया जाना चाहिए: उपराष्ट्रपति

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चार्टर्ड अकाउंटेंट के मानकों को कमजोर नहीं किया जाना चाहिए: उपराष्ट्रपति

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  • Publish Date - July 1, 2026 / 08:09 PM IST,
    Updated On - July 1, 2026 / 08:09 PM IST

नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने बुधवार को कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) वित्तीय व्यवस्था में भरोसे के संरक्षक होते हैं और इन मानकों को कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।

राधाकृष्णन ने नैतिक तौर-तरीकों के महत्व पर जोर देते हुए यह भी कहा कि नैतिकता के बिना आर्थिक वृद्धि का कोई लाभ नहीं होगा।

उपराष्ट्रपति ने राष्ट्रीय राजधानी में 78वें चार्टर्ड अकाउंटेंट्स दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कहा, ‘‘चार्टर्ड अकाउंटेंट वित्तीय व्यवस्था में भरोसे के संरक्षक होते हैं और इन मानकों को कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।’’

उन्होंने ईमानदारी, उत्कृष्टता, जवाबदेही और देश सेवा की आईसीएआई की परंपरा का उल्लेख किया।

भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) के पांच लाख से अधिक सदस्य हैं। यह चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने के लिए छात्रों के लिए परीक्षा आयोजित करता है।

राधाकृष्णन ने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट परीक्षा के ऊंचे मानकों के कारण इसमें फेल होने वालों की संख्या ‘सबसे कम’ है और इन मानकों को कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कारोबार सुगमता देश की कानूनी रूपरेखा में होनी चाहिए और गुणवत्ता से समझौता करके पैसे बचाना विनाशकारी होगा।

उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट और कॉस्ट अकाउंटेंट को मिलकर काम करना चाहिए, जिससे वे कंपनियों को उनकी लागत कम करने में मदद कर सकें।

भाषा रमण अजय

अजय