Rajnandgaon Broken Bridge Issue / Image Source : SCREENGRAB / IBC24
राजनांदगाव : Rajnandgaon Broken Bridge Issue : मानसून की पहली बारिश जहां किसानों के लिए खुशियां लेकर आती है, वहीं ग्राम आरगांव में लोगों के लिए यह चिंता और परेशानी का कारण बन जाती है। इसकी सबसे बड़ी वजह गांव के दो महत्वपूर्ण हिस्सों को जोड़ने वाली जर्जर पुलिया है, जो हर साल बारिश के दौरान पानी में डूब जाती है। पुलिया के ऊपर पानी भर जाने से गांव का संपर्क टूट जाता है और ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
बारिश शुरू होते ही आरगांव के किसान अपने खेतों तक नहीं पहुंच पाते। पुलिया पर तेज बहाव होने के कारण जान जोखिम में डालकर रास्ता पार करना संभव नहीं होता, जिससे खेती-किसानी का काम भी प्रभावित होता है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल यही स्थिति बनती है, लेकिन अब तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है। स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि यदि बारिश के दौरान गांव में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाए, तो अंतिम संस्कार के लिए भी ग्रामीणों को पुलिया से पानी उतरने का इंतजार करना पड़ता है। ऐसे समय में अंतिम यात्रा भी संघर्ष और मजबूरी का प्रतीक बन जाती है।
कई बार घंटों तक शव को रोककर रखना पड़ता है, क्योंकि सुरक्षित रास्ता उपलब्ध नहीं होता। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले करीब दो दशकों से वे इस पुलिया के निर्माण की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कई बार कलेक्टर, जनप्रतिनिधियों, विधायक और सांसद तक अपनी समस्या पहुंचाई। ज्ञापन सौंपे गए, आवेदन दिए गए और कई बार आश्वासन भी मिला, लेकिन आज तक पुलिया निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो सका।
गांव के लोगों का कहना है कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद उनकी समस्या को भुला दिया जाता है। हर मानसून में ग्रामीणों को वही परेशानी झेलनी पड़ती है और उन्हें उम्मीद रहती है कि शायद इस बार उनकी आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचेगी। अब ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द यहां एक मजबूत और ऊंचे पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि बरसात के दिनों में गांव का संपर्क बना रहे और लोगों को खेती, आवागमन तथा आपातकालीन परिस्थितियों में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।