इस्पात कंपनियों ने प्रोपेन गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने को सरकार से हस्तक्षेप का किया आग्रह

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इस्पात कंपनियों ने प्रोपेन गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने को सरकार से हस्तक्षेप का किया आग्रह

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  • Publish Date - March 16, 2026 / 06:55 PM IST,
    Updated On - March 16, 2026 / 06:55 PM IST

नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) जेएसडब्ल्यू स्टील और टाटा स्टील सहित इस्पात क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों ने ‘कोटेड’ इस्पात इकाइयों के लिए प्रोपेन गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आपूर्ति श्रृंखला की बाधाओं को दूर करने को लेकर सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। पश्चिम एशिया संकट के कारण प्रोपेन गैस की आपूर्ति बाधित हुई है। उद्योग जगत से जुड़े लोगों ने यह बात कही है।

प्रोपेन गैस का उपयोग ‘कोटिंग’ प्रक्रिया के दौरान जस्ता पिघलाने के लिए आवश्यक स्थिर ताप प्रदान करने के लिए किया जाता है। इससे चिकनी और क्षरण या जंग-रोधी सतह सुनिश्चित होती है। यह प्राकृतिक गैस प्रसंस्करण और पेट्रोलियम रिफाइनिंग का एक उप-उत्पाद है।

उद्योग के एक अधिकारी ने कहा कि गैस की कमी ने भारतीय इस्पात उद्योग में चिंता बढ़ा दी है। स्टील उद्योग विश्व स्तर पर दूसरा सबसे बड़ा उद्योग है और बढ़ती घरेलू मांग को पूरा करने के लिए ‘कलर कोटेड’ इस्पात उत्पादन इकाइयों की स्थापना में महत्वपूर्ण निवेश किया है।

एक प्रमुख इस्पात कंपनी के अधिकारी ने कहा, ‘‘मौजूदा हालात को देखते हुए इस्पात कंपनियों ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। … यदि स्थिति बनी रहती है, तो इससे बड़ी चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं।’’

इस बारे में फिलहाल जेएसडब्ल्यू स्टील और टाटा स्टील सहित प्रमुख इस्पात कंपनियों से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

जिंदल स्टेनलेस ने शुक्रवार को कहा था कि औद्योगिक गैस की आपूर्ति में कमी से उसके कई संयंत्र बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

कंपनी के प्रबंध निदेशक अभ्युदय जिंदल ने कहा, ‘‘स्टेनलेस स्टील निर्माण की प्रोपेन/एलपीजी और प्राकृतिक गैस जैसी औद्योगिक गैसों पर अत्यधिक निर्भरता के कारण, हमारे संयंत्रों में कई प्रक्रियाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।’’

भाषा रमण अजय

अजय