नई दिल्ली: Joint ITR Formula: AAP सांसद राघव चड्डा ने संसद में एक दिलचस्प सुझाव दिया है, जिसे सुनकर कई सांसद हंस पड़े। चड्डा ने कहा, “टैक्स बचाना है तो शादी कर लो।” उनका यह बयान दरअसल नए “जॉइंट ITR” सिस्टम से जुड़ा था, जिसमें पति-पत्नी दोनों की इनकम को मिलाकर टैक्स रिबेट और बचत को साझा करने का प्रावधान है। संसद में चड्डा ने बताया कि वर्तमान में भारत में पति-पत्नी की आमदनी को अलग-अलग टैक्स स्लैब के तहत वसूला जाता है। जबकि घर में खर्चे और निवेश दोनों की आमदनी से जुड़े होते हैं। इसके चलते दोनों को अलग-अलग टैक्स देना पड़ता है। उन्होंने बताया कि दुनिया के कई देशों में पति-पत्नी को एक इकॉनोमिक यूनिट माना जाता है और टैक्स भी संयुक्त रूप से भरा जाता है।
दरअसल, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अनुपूरक अनुदान मांगों से संबंधि बिल पेश किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अनुपूरक अनुदान मांगों से संबंधि बिल पेश किया। इसकी चर्चा में भाग लेते हुए राघव ने कहा कि मौजूदा समय में भारत अलग-अलग (व्यक्तिगत) टैक्स वसूला जाता है। इसके चलते शादीशुदा पति-पत्नी भी अलग-अलग टैक्स भरते हैं और इनकम टैक्स रिटर्न को फाइल करते हैं। उनकी इनकम को मिलाया नहीं जाता है। जबकि दोनों के लंबे समय में होने वाले निवेश एक ही हैं। घर में होने वाले उनके खर्चे एक ही हैं। बच्चों की परवरिश से लेकर कई तरह के खर्चे एक ही हैं।
Joint ITR Formula: चड्डा ने सदन को बताया- दुनिया के कई देशों में पति-पत्नी को एक इकॉनोमिक यूनिट की तरह माना गया है और इनकम टैक्स को एक साथ फाइल करने का प्रावधान रखा गया है। भारत में पति-पत्नी खर्चे तो एक साथ वहन करते हैं, लेकिन जब इनकम टैक्स भरने की बात आती है, तो उन्हें अपरिचित करार दे दिया जाता है। सांसद ने अपनी बात को 3 उदाहरण के जरिए समझाया।
दोनों उदाहरण रखने के बाद राघव चड्डा ने कहा- अगर इनकम टैक्स की जॉइंट फाइलिंग होगी, तो इन शादीशुदा लोगों को ज्यादा लाभ मिल सकेगा। इसके लिए उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया- एक शादीशुदा कपल है। पति-पत्नी दोनों कमाते हैं। अपने खर्चे भी शेयर करते हैं। पति साल का 18 लाख कमाता और पत्नी 6 लाख। इस तरह कुल इनकम 24 लाख होती है। अब जब इनकम टैक्स भरने की बात आती है, तो पति इनकम टैक्स के हिसाब से करीब 150000 रुपये टैक्स भरता है और पत्नी शून्य। मतलब परिवार को कुल 1 लाख 50 हजार रुपये टैक्स देने होते हैं।
राघव चड्डा ने हाइपोथिटिकल सिचुएशन को समझाते हुए कहा- अगर इनकी इनकम और रिबेट को मिला दिया जाए, तो इनकी कुल आमदनी 24 लाख रुपये और रिबेट भी 24 लाख रुपये होगा, तो दोनों को घटाने पर इनकम टैक्स शून्य हो जाएगा। इसलिए मैं प्रस्ताव रखता हूं कि भारत में इनकम टैक्स फाइल करने का ज्वाइंट सिस्टम लाया जाए।
Today in Parliament, I delivered a speech titled ’I Do Not Oppose, I Rise to Propose.’
In Parliament today I spoke about three everyday anxieties of ordinary Indians and proposed practical reforms.
(1) Allow optional Joint Filing of Income Tax Returns so married couples with… pic.twitter.com/lt4UOAQe8S
— Raghav Chadha (@raghav_chadha) March 16, 2026
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