केआईआईएफबी के कामकाज, उधारी और प्रशासनिक ढांचे की समीक्षा करेगी सुधा पिल्लई समिति

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केआईआईएफबी के कामकाज, उधारी और प्रशासनिक ढांचे की समीक्षा करेगी सुधा पिल्लई समिति

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  • Publish Date - July 14, 2026 / 11:15 AM IST,
    Updated On - July 14, 2026 / 11:15 AM IST

तिरुवनंतपुरम, 14 जुलाई (भाषा) संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार ने सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुधा पिल्लई की अध्यक्षता वाली समिति को केरल अवसंरचना निवेश कोष बोर्ड (केआईआईएफबी) के संस्थागत, वित्तीय, प्रशासनिक और परिचालन ढांचे की समीक्षा का व्यापक दायित्व सौंपा है।

वी. डी. सतीशन के नेतृत्व वाली सरकार ने सोमवार को इस समिति का गठन किया।

इस समीक्षा का उद्देश्य केआईआईएफबी की दीर्घकालिक स्थिरता को मजबूत करना, प्रशासनिक मानकों में सुधार करना और राज्य के अवसंरचना विकास को समर्थन देने की इसकी क्षमता बढ़ाना है।

सरकार द्वारा जारी कार्यादेश के अनुसार, समिति केरल राज्य योजना बोर्ड द्वारा एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड (एसबीआई कैप्स) की सहायता से तैयार परियोजना तथा राज्य मंत्रिमंडल से अनुमोदित मूल प्रस्ताव के तहत केआईआईएफबी के लिए परिकल्पित उद्देश्यों, दायित्वों और भूमिका की समीक्षा करेगी। साथ ही समिति ऐसे किसी भी व्यय, लेनदेन या वित्तीय व्यवस्था की पहचान करेगी जिसे उसकी राय में लेखा-परीक्षा, वित्तीय प्रबंधन या प्रशासनिक दृष्टि से विस्तृत जांच की आवश्यकता हो।

इसे किसी भी प्रकार की अनियमितता या प्रणालीगत कमी की पहचान करने तथा संगठन के पुनर्गठन, उसकी संस्थागत क्षमता के सरकारी तंत्र में पुनर्विनियोजन और केआईआईएफबी द्वारा स्थापित अनुषंगी या पृथक इकाइयों के भविष्य के बारे में सिफारिशें देने को भी कहा गया है।

भाषा निहारिका

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