अक्टूबर-दिसंबर, 2021 में चीनी निर्यात चार गुना होकर 17 लाख टन पर : इस्मा

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अक्टूबर-दिसंबर, 2021 में चीनी निर्यात चार गुना होकर 17 लाख टन पर : इस्मा

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  • Publish Date - January 17, 2022 / 06:48 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:38 PM IST

नयी दिल्ली, 17 जनवरी (भाषा) चीनी उद्योग के संगठन इस्मा ने कहा है कि अक्टूबर-दिसंबर की अवधि के दौरान देश का चीनी निर्यात लगभग चार गुना होकर 17 लाख टन पर पहुंच गया। इस वृद्धि का कारण विदेशों से मांग का बढ़ना था। अब तक चीनी मिलों द्वारा निर्यात के लिए 38-40 लाख टन का अनुबंध किया गया है। मिलें अब आगे के अनुबंधों के लिए वैश्विक कीमतों में सुधार का इंतजार कर रही हैं। चीनी विपणन वर्ष अक्टूबर से सितंबर तक चलता है। इस्मा ने एक बयान में कहा, ‘‘बाजार की रिपोर्ट और बंदरगाह की जानकारी के अनुसार, अक्टूबर से दिसंबर, 2021 की अवधि के दौरान लगभग 17 लाख टन चीनी का निर्यात किया गया है।’’ पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान लगभग 4.5 लाख टन चीनी का निर्यात किया गया था। इस्मा ने कहा कि यह बताया गया है कि इस महीने लगभग सात लाख टन चीनी निर्यात के लिए पाइपलाइन में है। इस्मा ने कहा, ‘‘ब्राजील में आगामी सत्र 2022-23 (अप्रैल-मार्च) में उम्मीद से बेहतर उत्पादन की खबरों के बीच कच्ची चीनी की वैश्विक कीमतों में और गिरावट आई है और मौजूदा समय में यह 5 महीने के निचले स्तर लगभग 18 सेंट/पाउंड पर है।’’ .

एसोसिएशन के अनुसार, भारतीय मिलें उपयुक्त समय की प्रतीक्षा कर रही हैं और आगे के निर्यात अनुबंधों के लिए उन्हें कोई जल्दी नहीं है। अब तक 38-40 लाख टन चीनी निर्यात के अनुबंध किए जा चुके हैं। भारतीय चीनी मिल संघ (इस्मा) ने कहा कि देश ने चालू विपणन वर्ष 2021-22 में एक अक्टूबर, 2021 से 15 जनवरी, 2022 की अवधि के बीच 151.41 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है, जबकि पिछले विपणन वर्ष की समान अवधि में 142.78 लाख टन चीनी का उत्पादन किया था। इस्मा ने कहा कि महाराष्ट्र में चीनी मिलों ने 15 जनवरी, 2022 तक 58.84 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है, जबकि पिछले विपणन वर्ष की समान अवधि में यह 51.55 लाख टन रहा था। उत्तर प्रदेश में चीनी का उत्पादन 15 जनवरी तक घटकर 40.17 लाख टन रह गया, जो एक साल पहले की समान अवधि में 42.99 लाख टन था। कर्नाटक में, 15 जनवरी, 2022 तक चीनी का उत्पादन बढ़कर 33.20 लाख टन हो गया, जबकि पिछले विपणन वर्ष की इसी अवधि में यह 29.80 लाख टन था।भाषा राजेश राजेश अजयअजय