(Sugar Price Today/ Image Credit: AI-generated)
बिजनेस: Sugar Price Today: त्योहारी सीजन शुरू होते ही चीनी की कीमतों (Sugar Price Today) में गिरावट से आम लोगों को बड़ी राहत मिली है। एक्स-मिल रेट कम होने का असर अब थोक और खुदरा बाजार में भी दिखाई दे रहा है। 10 सितंबर को दक्षिण महाराष्ट्र में चीनी का एक्स-मिल भाव 4950 रुपये से घटकर 4865 रुपये प्रति क्विटल हो गया। कई राज्यों में एक्स-मिल कीमत करीब 44 से 50 रुपये किलो तक पहुंच गई है, जबकि कुछ हफ्ते पहले यह करीब 65 रुपये किलो थी।
त्योहारों के दौरान चीनी की बढ़ती मांग को देखते हुए केंद्र सरकार ने चीनी मिलों को बाजार में पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए हैं। मिलों से कहा गया है कि चीनी की बिक्री उचित कीमतों पर की जाए, ताकि त्योहारों में लोगों को ज्यादा कीमत न चुकानी पड़े। सरकार बाजार की कीमतों पर लगातार नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर आगे भी कदम उठा सकती है।
खुदरा बाजार में भी चीनी के दाम तेजी से नीचे आए हैं। दिल्ली में 22 अगस्त को कीमत अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद अब करीब 12 रुपये प्रति किलो कम हो गई है। 9 सितंबर को यहां चीनी 56 रुपये किलो रही। वहीं कानपुर में भाव (Sugar Price Today) 69 रुपये से घटकर 56 रुपये किलो हो गया। यानी यहां लोगों को प्रति किलो 13 रुपये की राहत मिली है।
मुंबई और रायपुर में चीनी करीब 56 रुपये किलो बिक रही है। रांची में कीमत 70 रुपये से घटकर 57 रुपये किलो हो गई है। गुवाहाटी में भाव 71 से घटकर 58 रुपये और कोलकाता में 70 से घटकर 58 रुपये किलो पर आ गया। हैदराबाद में भी 70 से घटकर 57 रुपये और चेन्नई में 60 रुपये किलो भाव दर्ज किया गया है।
थोक बाजार में भी चीनी की कीमतों (Sugar Price Today) में अच्छी-खासी कमी हुई है। मुंबई में 22 अगस्त को एक क्विंटल चीनी 6750 रुपये की थी जो अब 5100 रुपये रह गई है। दिल्ली में भी भाव 6600 रुपये के रिकॉर्ड स्तर से घटकर 5150 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। कानपुर में 5200, रायपुर में 5150 और रांची में 5300 रुपये प्रति क्विंटल भाव है।
कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने बड़े खरीदारों और डीलरों के लिए स्टॉक रखने की सीमा तय की है। जमाखोरी और छिपाकर स्टॉक रखने वालों पर भी कार्रवाई बढ़ाई गई है। इसके अलावा 21 अगस्त को सरकार ने 10 लाख मीट्रिक टन चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी थी। इन कदमों से बाजार में सप्लाई बढ़ी और कीमतों पर दबाव आया।