भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए लगातार उच्च वृद्धि की जरूरी: आईएमएफ

भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए लगातार उच्च वृद्धि की जरूरी: आईएमएफ

भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए लगातार उच्च वृद्धि की जरूरी: आईएमएफ
Modified Date: July 9, 2026 / 09:54 pm IST
Published Date: July 9, 2026 9:54 pm IST

(सागर कुलकर्णी)

वाशिंगटन, नौ जुलाई (भाषा) अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने बृहस्पतिवार को कहा कि लगातार तेज आर्थिक वृद्धि और सुधारों की निरंतरता भारत को 2047 तक विकसित अर्थव्यवस्था बनने की राह पर ले जाएगी।

आईएमएफ की यह टिप्पणी वैश्विक आर्थिक परिदृश्य (डब्ल्यूईओ) के ताजा अनुमान जारी करने के एक दिन बाद आई है। इसमें भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल और वैश्विक वृद्धि का प्रमुख इंजन बताया गया है।

आईएमएफ के संचार विभाग की निदेशक जूली कोजैक ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बुधवार को जारी डब्ल्यूईओ अपडेट में अनुमान लगाया गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहेगी और जोखिमों का संतुलन अप्रैल के अनुमान की तुलना में बेहतर रहेगा। वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो आगे बढ़कर 6.7 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।

उन्होंने कहा कि विकसित राष्ट्र का दर्जा हासिल करने के लिए भारत को लंबे समय तक तेज आर्थिक वृद्धि बनाए रखने और लगातार सुधारों को आगे बढ़ाने की जरूरत होगी।

कोजैक ने कहा, ‘भारत को अपने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सुधारों की दिशा में आगे बढ़ना होगा। इसमें कौशल विकास को मजबूत करना, श्रम बाजार में लचीलापन बढ़ाना, कारोबार से जुड़ी लागत और नियामकीय बोझ कम करना तथा व्यापार एकीकरण को गहरा करना शामिल है।’

उन्होंने कहा कि भारत ने संरचनात्मक सुधारों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है। इनमें नए श्रम कानूनों को लागू करना, नए व्यापार समझौते करना और राज्यों के स्तर पर नियमन को सरल बनाने की दिशा में उठाए गए कदम शामिल हैं।

विनिर्माण क्षेत्र पर पूछे गए सवाल के जवाब में आईएमएफ अधिकारी ने कहा कि आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाने की प्रक्रिया से भारत को लाभ मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि अभी तक इसका फायदा कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में अधिक दिखाई दिया है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र प्रमुख है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 24 प्रतिशत बढ़ा है और स्मार्टफोन देश के प्रमुख निर्यात उत्पादों में शामिल हो गया है।

कोजैक ने कहा कि निर्यात के लिए उत्पादन में हुई इस वृद्धि का बड़ा हिस्सा विदेशी कंपनियों के बजाय घरेलू अनुबंध विनिर्माताओं के जरिये हो रहा है।

भाषा योगेश अजय

अजय


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