स्विगी के शेयरधारकों ने भारतीय स्वामित्व वाली कंपनी का दर्जा हासिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी

स्विगी के शेयरधारकों ने भारतीय स्वामित्व वाली कंपनी का दर्जा हासिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी

स्विगी के शेयरधारकों ने भारतीय स्वामित्व वाली कंपनी का दर्जा हासिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी
Modified Date: August 18, 2026 / 09:38 pm IST
Published Date: August 18, 2026 9:38 pm IST

नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) स्विगी के शेयरधारकों ने मंगलवार को कंपनी में कुल विदेशी स्वामित्व को 49.5 प्रतिशत तक सीमित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही ऑनलाइन ऑर्डर पर खाने-पीने के सामान की आपूर्ति करने वाले मंच स्विगी के ”भारतीय स्वामित्व और नियंत्रण वाली कंपनी” (आईओसीसी) बनने का रास्ता साफ हो गया है।

गौरतलब है कि इस साल मई में शेयरधारकों ने इसी तरह के एक प्रस्ताव को खारिज कर दिया था।

स्विगी ने मंगलवार को शेयर बाजार को बताया कि शेयरधारकों ने इस संबंध में एक विशेष प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

भारतीय स्वामित्व और नियंत्रण वाली कंपनी का दर्जा मिलने से स्विगी को अपने क्विक कॉमर्स ब्रांड ‘इंस्टामार्ट’ के माध्यम से सीधे भंडार रखने और बेचने की अनुमति मिल जाएगी। इस कदम से मार्जिन में सुधार होने और आपूर्ति शृंखला पर नियंत्रण मजबूत होने की उम्मीद है। स्विगी की प्रतिद्वंद्वी ब्लिंकिट भंडार आधारित मॉडल का पालन करती है।

विदेशी स्वामित्व की सीमा के प्रस्ताव को मंजूरी देने के अलावा, स्विगी के शेयरधारकों ने भारत के फेमा (विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम) नियमों के अनुरूप कंपनी की नियमावली (एओए) में संशोधन को भी मंजूरी दी।

भाषा पाण्डेय अजय

अजय


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