ताइवान टेक प्रदर्शनी में भारतीय कंपनियों की मौजूदगी, वैश्विक बाजारों में अवसर तलाशे

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ताइवान टेक प्रदर्शनी में भारतीय कंपनियों की मौजूदगी, वैश्विक बाजारों में अवसर तलाशे

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  • Publish Date - June 6, 2026 / 04:08 PM IST,
    Updated On - June 6, 2026 / 04:08 PM IST

(रूपाली दीक्षित)

ताइपे, छह जून (भाषा) भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माता सहस्र और सॉफ्टवेयर कंपनी जोहो ने इस सप्ताह ताइपे में आयोजित प्रौद्योगिकी व्यापार प्रदर्शनी में अपने उत्पादों एवं सेवाओं का प्रदर्शन किया और विदेशी बाजारों में ग्राहकों तथा साझेदारी के अवसर तलाशे।

‘कम्प्यूटेक्स 2026’ प्रदर्शनी में 33 देशों के करीब 1,500 प्रदर्शकों ने 6,000 स्टॉल लगाए। इस प्रदर्शनी में भारत से कुछ कंपनियों ने भी भाग लिया, जबकि बड़ी संख्या में भारतीय खरीदार नए उत्पादों और कारोबारी अवसरों की तलाश में मौजूद रहे।

सहस्र समूह की कंपनी सहस्र इलेक्ट्रॉनिक्स ने प्रदर्शनी में अपने माइक्रो-एसडी कार्ड प्रदर्शित किए। कंपनी ने कहा कि उसे विभिन्न देशों के ग्राहकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।

सहस्र के वरिष्ठ अधिकारी अंकुर द्विवेदी ने कहा, ‘हमारे ग्राहक चीन, अमेरिका, यूरोप और ब्रिटेन में हैं। यहां हम उनसे मिल रहे हैं और हमें बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।’

कंपनी ने कहा कि इस मंच का उपयोग नए ग्राहक, तकनीकी सहयोग और संभावित संयुक्त उपक्रमों के अवसर तलाशने के लिए किया गया।

इंटरनेट के जरिए इस्तेमाल होने वाले बिजनेस सॉफ्टवेयर एवं ऑनलाइन सेवाएं देने वाली कंपनी जोहो कॉरपोरेशन ने कहा कि ताइवान उसके लिए एक उभरता हुआ बाजार है और वहां डिजिटल क्षमता अपनाने की गति के कारण उसके उत्पादों की मांग बढ़ रही है।

हांगकांग, दक्षिण कोरिया एवं ताइवान के लिए जोहो के विपणन प्रमुख एंग किट गोह ने कहा, ‘यहां पर जोहो के लिए काफी अच्छी संभावनाएं हैं। भारतीय सॉफ्टवेयर और तकनीकी विशेषज्ञता को लेकर स्थानीय ग्राहकों में भरोसा बढ़ा है।’

प्रदर्शनी की आयोजक संस्था ‘ताइवान एक्सटर्नल ट्रेड डेवलपमेंट काउंसिल’ के चेयरमैन जेम्स सी. एफ. हुआंग ने कहा कि भविष्य में भारतीय कंपनियों की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है और इस तरह के मंच कृत्रिम मेधा (एआई) एवं प्रौद्योगिकी सहयोग को बढ़ावा देंगे।

विशेषज्ञों का कहना है कि सेमीकंडक्टर विनिर्माण, एआई अवसंरचना और इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति शृंखला जैसे क्षेत्रों में भारत-ताइवान सहयोग हाल के वर्षों में मजबूत हुआ है, जिसमें ताइवान तकनीकी विशेषज्ञता और विनिर्माण क्षमता प्रदान करता है, जबकि भारत बड़ा बाजार और कुशल कार्यबल उपलब्ध कराता है।

प्रदर्शकों के अलावा, बड़ी संख्या में भारतीय खरीदार भी नए उत्पादों और कारोबारी अवसरों की तलाश में इस कार्यक्रम में मौजूद रहे।

यह प्रदर्शनी शुक्रवार को समाप्त हुई। आयोजकों के अनुसार, इसमें 152 देशों और क्षेत्रों से 1.11 लाख से अधिक खरीदार और आगंतुक शामिल हुए।

एनवीडिया, इंटेल, मार्वेल और क्वालकॉम जैसी कंपनियों ने प्रदर्शनी के दौरान अपने प्रमुख उत्पाद और नई पहल पेश कीं।

भाषा प्रेम प्रेम

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