हरियाणा ऊर्जा विभाग के कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल पर श्रमिक संगठनों के साथ बातचीत जारी: विज
हरियाणा ऊर्जा विभाग के कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल पर श्रमिक संगठनों के साथ बातचीत जारी: विज
चंडीगढ़, सात अगस्त (भाषा) हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने शुक्रवार को कहा कि 11-13 अगस्त तक प्रस्तावित तीन दिन की हड़ताल को लेकर ऊर्जा विभाग के श्रमिक संगठनों के साथ बातचीत चल रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार उन्हें अपना फैसला वापस लेने के लिए मना लेगी।
विज ने बताया कि हाल ही में ऊर्जा विभाग के कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों को विस्तार से बातचीत के लिए बुलाया गया था, जिसमें वे विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शामिल हुए थे।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि श्रमिक संगठनों ने मुख्य रूप से तीन मांगें रखी थीं। पहली मांग यह थी कि समानांतर वितरण लाइसेंस देकर बिजली वितरण का निजीकरण नहीं किया जाना चाहिए। इस चिंता का जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि यह मामला हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) के पास है, जो एक स्वायत्त वैधानिक निकाय है और ऊर्जा विभाग के अधीन काम नहीं करता है।
विज ने स्पष्ट किया कि समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस के लिए आवेदन सीधे एचईआरसी को दिया गया था, न कि ऊर्जा विभाग के माध्यम से।
एक सरकारी बयान के अनुसार, विज ने कहा कि आयोग अभी इस मामले की सुनवाई कर रहा है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने एचईआरसी के सामने निजीकरण का औपचारिक रूप से विरोध किया है और विभागीय अधिकारियों ने सरकार द्वारा मंजूर दस्तावेजों के आधार पर कार्यवाही के दौरान सरकार की आपत्तियां रिकॉर्ड पर रखी थीं। इस स्पष्टीकरण के बाद, बैठक के दौरान यह मुद्दा सुलझा लिया गया था।
स्मार्ट मीटर से जुड़ी दूसरी मांग का जिक्र करते हुए विज ने कहा कि इस परियोजना के लिए अभी तक कोई निविदा जारी नहीं की गयी है।
उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि अब तक कोई निविदा जारी नहीं की गई है, इसलिए यह चिंता भी दूर हो गई।’’
प्रस्तावित ‘एग्री-डिस्कॉम’ के बारे में यूनियनों की तीसरी मांग पर ऊर्जा मंत्री ने कहा कि हालांकि मुख्यमंत्री ने विधानसभा सत्र के दौरान इस प्रस्ताव का जिक्र किया था, लेकिन इस मामले पर उनके और मुख्यमंत्री के बीच अभी तक कोई बातचीत नहीं हुई है। इसलिए, उन्होंने कहा, भविष्य की कार्रवाई पर कोई भी टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।
विज ने कहा कि ये स्पष्टीकरण मिलने के बाद श्रमिक संगठन शुरू में सहमत हो गए थे और ऐसा लग रहा था कि मुद्दे सुलझ गए हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि बैठक के बाद ‘कुछ शरारती तत्वों’ ने कथित तौर पर उन्हें गुमराह किया, जिसके बाद हड़ताल की घोषणा की गई।
इसके बावजूद, मंत्री ने कहा कि सरकार बातचीत के लिए प्रतिबद्ध है। ‘‘श्रमिक संगठनों के साथ हमारी बातचीत जारी है। आज भी ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने उनसे बातचीत की और मुझे पूरा भरोसा है कि हम कर्मचारियों को मनाने में सफल हो जाएंगे।’’
भाषा राजेश राजेश रमण
रमण

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