निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए लक्षित समर्थन उपायों की जरूरतः ईएसी-पीएम

Ads

निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए लक्षित समर्थन उपायों की जरूरतः ईएसी-पीएम

  •  
  • Publish Date - August 12, 2026 / 08:15 PM IST,
    Updated On - August 12, 2026 / 08:15 PM IST

नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) ने निवेश संबंधी फैसलों में तेजी लाने के लिए नवोन्मेषी कंपनियों के लिए लक्षित समर्थन उपाय बढ़ाने की सिफारिश की है। इसके साथ परिषद ने निजी निवेश को प्रोत्साहन के लिए सार्वजनिक निवेश बढ़ाने का भी सुझाव दिया है।

ईएसी-पीएम ने ‘कॉरपोरेट मुनाफे और निवेश की पड़ताल’ शीर्षक वाले कार्यपत्र में कहा है कि वित्त वर्ष 2019-20 तक कंपनियों का निवेश बढ़ रहा था, लेकिन महामारी के दौरान इसमें तेज गिरावट देखी गई।

कार्यपत्र में कहा गया, ‘‘मौजूदा नीतिगत समर्थन उपायों को और मजबूत किए जाने की जरूरत है। इनमें उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाएं और निजी निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से सार्वजनिक निवेश शामिल हैं।’’

परिषद ने नवोन्मेषी कंपनियों के लिए लक्षित समर्थन उपाय बढ़ाने, उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग मजबूत करने तथा अनुबंधों के प्रवर्तन और वाणिज्यिक विवादों के निपटान की दक्षता बढ़ाने के लिए नीतिगत कदम उठाने की भी सिफारिश की।

कार्यपत्र के मुताबिक, महामारी के बाद ब्याज एवं कर-पूर्व कुल लाभ (पीबीआईटी) और कंपनियों की लाभप्रदता में सुधार कायम रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान इसमें 21.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई। हालांकि, कॉरपोरेट निवेश में भी सुधार हुआ, लेकिन यह अपेक्षाकृत धीमा और कम टिकाऊ रहा।

ईएसी-पीएम की रिपोर्ट कहती है कि वित्त वर्ष 2023-24 में सकल स्थिर परिसंपत्तियों (जीएफए) की वृद्धि 6.1 प्रतिशत रही। विदेशी स्वामित्व वाली कंपनियों और भारतीय निजी कंपनियों में निवेश की रफ्तार विशेष रूप से धीमी रही।

परिषद के मुताबिक, तुलनात्मक विश्लेषण से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2019-20 में निवेश का ऊंचा स्तर कुछ बड़ी और अधिक परिसंपत्ति वाली कंपनियों में निवेश की तीव्रता अचानक बढ़ने के कारण था। लेकिन महामारी के दौरान निवेश की यह तीव्रता समाप्त हो गई और महामारी के बाद भी ऐसा उछाल नहीं दिखा।

ईएसी-पीएम ने कहा कि कुल मांग या अनिश्चितता की भूमिका का अलग-अलग विश्लेषण नहीं किया गया है। हालांकि, वैश्विक अर्थव्यवस्था में बनी अनिश्चितता और असंतुलन तथा प्रौद्योगिकी में अचानक बदलाव से परिसंपत्तियों या उत्पादों के चलन से बाहर होने का खतरा कंपनियों के निवेश निर्णयों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय