नई दिल्ली। Dearness Allowance will Increase 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत कर्मचारी संगठनों और प्रतिनिधि संस्थाओं के साथ बैठकों का दौर जारी है। आयोग विभिन्न संगठनों की मांगों और सुझावों को सुनकर अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए इनपुट जुटा रहा है। इसी क्रम में करीब 10 लाख पेंशनरों का प्रतिनिधित्व करने वाले भारत पेंशनर्स समाज (BPS) ने आयोग के सामने पेंशन से जुड़े कई अहम प्रस्ताव रखे हैं। भारत पेंशनर्स समाज और 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के बीच यह बैठक 7 अगस्त को हुई। बैठक में संगठन ने न्यूनतम पेंशन बढ़ाने, महंगाई राहत (DR) में हर तीन महीने में संशोधन करने और पुरानी व नई पेंशन व्यवस्था के बीच अंतर को समाप्त करने समेत कई मांगें रखीं।
Dearness Allowance will Increase भारत पेंशनर्स समाज ने आयोग के सामने न्यूनतम बेसिक पेंशन को बढ़ाकर ₹45,000 प्रति माह करने का प्रस्ताव रखा है। फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों के लिए न्यूनतम बेसिक पेंशन ₹9,000 प्रति माह है। संगठन का तर्क है कि मौजूदा महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत को देखते हुए पेंशन में पर्याप्त बढ़ोतरी जरूरी है।
बैठक में कर्मचारियों के वेतन से जुड़े सुझाव भी रखे गए। संगठन की ओर से केंद्र सरकार के कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी को बढ़ाकर ₹69,000 प्रति माह करने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके साथ ही फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.83 करने की मांग की गई है। फिटमेंट फैक्टर का इस्तेमाल नए वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में संशोधन तय करने के लिए किया जाता है। इसलिए फिटमेंट फैक्टर में बदलाव का सीधा असर कर्मचारियों और पेंशनरों की आय पर पड़ सकता है।
पेंशनर्स संगठन ने महंगाई राहत (DR) में संशोधन की व्यवस्था में भी बदलाव की मांग की है। संगठन चाहता है कि महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में हर तीन महीने में संशोधन किया जाए। वर्तमान व्यवस्था के तहत DA और DR में साल में दो बार, आमतौर पर जनवरी और जुलाई में संशोधन किया जाता है। पेंशनर्स समाज ने इसे बढ़ाकर साल में चार बार करने का प्रस्ताव दिया है। इसके पीछे तर्क है कि महंगाई में लगातार बदलाव को देखते हुए पेंशनरों को नियमित अंतराल पर राहत मिलनी चाहिए।
भारत पेंशनर्स समाज ने पुरानी और नई पेंशन व्यवस्था के बीच मौजूद अंतर को समाप्त करने की मांग भी 8वें वेतन आयोग के सामने रखी है। संगठन का कहना है कि पेंशनरों के हितों को ध्यान में रखते हुए पेंशन व्यवस्था में समानता और पर्याप्त सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। अब इन मांगों पर 8वां केंद्रीय वेतन आयोग विचार करेगा। आयोग की अंतिम सिफारिशों के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पेंशन और वेतन में कितनी बढ़ोतरी होती है तथा महंगाई राहत की मौजूदा व्यवस्था में कोई बदलाव किया जाता है या नहीं।
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