मुंबई, दो जून (भाषा) टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने मंगलवार को कहा कि टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स (टीएएसएल) ने जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) के वाहनों में मार्ग-निर्देशक प्रणाली और ऑप्ट्रॉनिक्स प्रौद्योगिकी को जोड़कर अहम मूल्यवर्धन किया है।
सूत्रों के मुताबिक, जेएलआर के ‘डिफेंडर’ वाहनों में सैन्य उपयोग के लिए टीएएसएल द्वारा प्रतिकूल हालात में भी देखने में सक्षम, मार्ग-निर्देशन और बख्तरबंद बनाने के लिए किए गए तकनीकी सुधारों को चंद्रशेखरन ने समूह कंपनियों के बीच तालमेल का एक अच्छा उदाहरण बताया।
टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड मुख्य रूप से रक्षा एवं वैमानिकी क्षेत्र में काम करती है, जबकि जेएलआर लक्जरी वाहन क्षेत्र की कंपनी है।
चंद्रशेखरन ने बेंगलुरु हवाई अड्डे के पास बन रही कंपनी की नई रक्षा रखरखाव एवं मरम्मत (एमआरओ) इकाई का दौरा किया। यह इकाई इस साल दिसंबर तक शुरू होने की उम्मीद है और यह भारत में निजी क्षेत्र की पहली रक्षा एमआरओ इकाई होगी।
करीब 16 एकड़ में फैली इस इकाई में सैन्य विमानों की मरम्मत और तकनीकी उन्नयन का काम किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, एमआरओ इकाई के दौरे पर चंद्रशेखरन को कंपनी के रक्षा उत्पादों की जानकारी दी गई जिनमें लंबी दूरी तक मार करने वाले स्वदेशी ड्रोन और डीआरडीओ के साथ मिलकर विकसित बख्तरबंद वाहन प्लेटफॉर्म भी शामिल है।
चंद्रशेखरन ने बेंगलुरु के ई-सिटी और वेमगल स्थित कंपनी की इकाइयों का भी निरीक्षण किया, जहां हेलिकॉप्टर निर्माण, फाइटर सिस्टम वायरिंग और आर्टिलरी गन सिस्टम से जुड़े काम किए जाते हैं।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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