मुंबई, 23 अप्रैल (भाषा) गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी टाटा कैपिटल का वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 43 प्रतिशत बढ़कर 1,502 करोड़ रुपये रहा।
कंपनी ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट से जुड़े जोखिमों को देखते हुए वह सूक्ष्म, छोटे एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को ऋण वितरण में अतिरिक्त सावधानी बरत रही है।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही में 1,052 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था, जबकि 2024-25 की जुलाई-सितंब तिमाही में टाटा कैपिटल का शुद्ध लाभ 1,257 करोड़ रुपये था।
समीक्षाधीन तिमाही के दौरान कंपनी की शुद्ध ब्याज आय 3,477 करोड़ रुपये रही। प्रबंधन अधीन परिसंपत्ति 29 प्रतिशत बढ़कर 86,653 करोड़ रुपये हो गईं, जबकि शुद्ध ब्याज मार्जिन 5.2 प्रतिशत पर स्थिर रहा।
कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राजीव सभरवाल ने कहा कि कंपनी खुदरा असुरक्षित ऋण और किफायती आवास जैसे अधिक लाभ देने वाले उत्पादों पर ध्यान देकर शुद्ध ब्याज मार्जिन बढ़ाने का लक्ष्य रख रही है।
परिसंपत्ति गुणवत्ता के लिहाज से सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति अनुपात घटकर मार्च तिमाही के अंत में दो प्रतिशत रह गया, जो वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में 2.2 प्रतिशत था।
भाषा योगेश रमण
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