चंडीगढ़, 30 मार्च (भाषा) पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के आतिथ्य क्षेत्र में करीब 200 करोड़ रुपये की कर चोरी पकड़ी है और जांच में यह राशि बढ़कर लगभग 500 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।
यहां एक संवाददाता सम्मेलन में चीमा ने बताया कि राज्यव्यापी कार्रवाई के तहत ढाबों, रेस्तरांओं, भोजनालयों, बेकरी, मिठाई की दुकानों और खान-पान सेवाओं सहित कुल 882 प्रतिष्ठानों को जांच के दायरे में लिया गया है।
उन्होंने कहा कि डेटा विश्लेषण और जोखिम मूल्यांकन पर आधारित यह अभियान फिलहाल वित्त वर्ष 2025-26 के आंकड़ों पर केंद्रित है।
मंत्री ने बताया कि अब तक हुई प्रारंभिक पूछताछ में 239 मामलों की जांच की गई है, जिसमें लगभग 50 करोड़ रुपये की कुल बिक्री छिपाने का पता चला है।
उन्होंने कहा कि इस गड़बड़ी से पांच प्रतिशत की दर पर लगभग 2.54 करोड़ रुपये की कर देनदारी बनती है, जिसमें से 2.02 करोड़ रुपये वसूल किए जा चुके हैं।
चीमा ने कहा कि जांच में सामने आया कि ढाबों ने करीब 10 करोड़ रुपये की आय छिपाई है, इसके बाद छोटे भोजनालयों और चाय-कॉफी केंद्रों का नंबर आता है। शहरों में मोहाली में सबसे अधिक 8.16 करोड़ रुपये की कर चोरी मिली, इसके बाद जालंधर (6.72 करोड़) और लुधियाना (5.48 करोड़) का स्थान रहा।
चीमा ने बताया कि कर खुफिया इकाई (टीआईयू) और राज्य जांच एवं निवारण इकाई (एसआईपीयू) द्वारा आधुनिक डेटा विश्लेषण के जरिये यह कार्रवाई की जा रही है।
भाषा सुमित अजय
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