मुंबई, 30 मार्च (भाषा) रुपया सोमवार को दिन में कारोबार के दौरान अमेरिका मुद्रा के मुकाबले 95 के स्तर को भी लांघ गया लेकिन कारोबार के अंत में 15 पैसे की मजबूती के साथ 94.70 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, पश्चिम एशिया संघर्ष के 31वें दिन में प्रवेश करने से बाजारों में अनिश्चितता बनी रही और रुपये में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। कारोबार के दौरान रुपये में 165 पैसे का उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 93.62 प्रति डॉलर पर खुला और फिर मजबूत होकर 93.57 प्रति डॉलर तक पहुंच गया जो पिछले बंद स्तर के मुकाबले एक रुपये 28 पैसे की बढ़त थी।
यह मजबूती इसलिए आई क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों के लिए एक दिन के लिए रखी जाने वाली ‘नेट ओपन पोजिशन’ की सीमा घटाकर 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर कर दी।
किसी बैंक या वित्तीय संस्था द्वारा विदेशी मुद्रा में की गई कुल खरीद और कुल बिक्री के बीच का अंतर ‘नेट ओपन पोजिशन’ कहलाता है।
रिजर्व बैंक ने 27 मार्च, 2026 को जारी अपने परिपत्र के माध्यम से बैंकों के लिए ‘नेट ओपन पोजिशन’ की सीमा 10 करोड़ डॉलर निर्धारित की थी, जिसका अनुपालन 10 अप्रैल तक अनिवार्य है।
हालांकि, बाद में रुपया अपनी यह गति बरकरार नहीं रख सका और अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले कारोबार के दौरान गिरकर सर्वकालिक निचले स्तर 95.22 पर आ गया।
सोमवार के कारोबार के अंत में रुपया 94.70 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव 94.85 से 15 पैसे की बढ़त है।
शुक्रवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 89 पैसे की भारी गिरावट के साथ 94.85 पर बंद हुआ।
सीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स के प्रबंध निदेशक (एमडी) अमित पबारी ने कहा, ‘‘रुपये की कमजोरी की मुख्य वजह वैश्विक परिस्थितियां हैं। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीदें कमजोर पड़ गई हैं, जिससे बाजार में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति बढ़ गई है।’’
उन्होंने कहा कि जब अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं। इससे अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, जबकि रुपये जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राएं कमजोर पड़ जाती हैं।
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.15 प्रतिशत टूटकर 100.30 पर कारोबार कर रहा था।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का वायदा भाव 2.60 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 114.97 डॉलर प्रति बैरल पर था।
घरेलू शेयर बाजार की बात करें तो सेंसेक्स 1,635.67 अंक टूटकर 71,947.55 अंक पर रहा, जबकि निफ्टी 488.20 अंक के नुकसान के साथ 22,331.40 अंक पर आ गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने सोमवार को शुद्ध आधार पर 11,163.06 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
इस बीच, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि देश की आर्थिक बुनियाद मजबूत है और अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में रुपया ठीक स्थिति में है।
28 फरवरी, 2026 को पश्चिम एशिया संघर्ष की शुरुआत के बाद से, रुपया 4.1 प्रतिशत टूटकर 27 मार्च, 2026 को 94.82 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
भाषा राजेश राजेश अजय
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