किसानों का खर्च कम करने, आमदनी बढ़ाने वाली प्रौद्योगिकी ही असली नवाचार : मुख्यमंत्री सैनी

किसानों का खर्च कम करने, आमदनी बढ़ाने वाली प्रौद्योगिकी ही असली नवाचार : मुख्यमंत्री सैनी

किसानों का खर्च कम करने, आमदनी बढ़ाने वाली प्रौद्योगिकी ही असली नवाचार : मुख्यमंत्री सैनी
Modified Date: September 23, 2026 / 07:56 pm IST
Published Date: September 23, 2026 7:56 pm IST

कुरुक्षेत्र, 23 सितंबर (भाषा) हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को कहा कि जो प्रौद्योगिकी किसान की लागत कम करती है, शारीरिक मेहनत की जरूरत घटाती है और फसलों से होने वाली कमाई बढ़ाती है, वही किसानों के लिए असली नवाचार (खोज) है।

किसी भी प्रौद्योगिकी की असली कामयाबी किसान के बही-खाते में दिखनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि प्रौद्योगिकी किसानों के लिए तभी काम की है जब वह सस्ती हो, इस्तेमाल में आसान हो और गांवों में या उनके आसपास ही उसकी मरम्मत हो सके।

सैनी कुरुक्षेत्र के लाडवा में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित पांचवें ‘नवाचार किसान सम्मेलन’ के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

इस मौके पर उन्होंने कृषि मशीनरी की प्रदर्शनी का उद्घाटन और दौरा किया और प्रगतिशील किसानों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि ‘नवाचार किसान सम्मेलन’ या ‘इनोवेटिव फार्मर्स मीट’ की खास बात यह थी कि चर्चाएं बड़े शहरों या ‘कॉन्फ्रेंस हॉल’ तक सीमित नहीं थीं, बल्कि उन्हें सीधे किसानों तक पहुंचाया जा रहा था।

सैनी ने कहा कि आज खेती के सामने मौसम की अनिश्चितता, पानी की बढ़ती कमी और मिट्टी की सेहत बिगड़ने जैसी गंभीर चुनौतियां हैं। इसलिए, ऐसी खेती के तरीकों को अपनाने की जरूरत है जो बदलते हालात का सामना कर सकें और साथ ही किसानों की आमदनी भी बढ़ा सकें।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए शुरू किए गए पोर्टल पर लगभग दो लाख किसानों ने तीन लाख एकड़ जमीन का पंजीकरण कराया है। इनमें से 44,000 एकड़ जमीन पर प्राकृतिक खेती अपनाने वाले 23,930 किसानों का जांच कार्य पूरा हो चुका है। साल 2025-26 के दौरान राज्य में 20,727 एकड़ जमीन पर प्राकृतिक खेती की गई।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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