कमज़ोर वैश्विक रुख के बीच सोना 900 रुपये और टूटा, चांदी स्थिर

कमज़ोर वैश्विक रुख के बीच सोना 900 रुपये और टूटा, चांदी स्थिर

कमज़ोर वैश्विक रुख के बीच सोना 900 रुपये और टूटा, चांदी स्थिर
Modified Date: September 23, 2026 / 07:44 pm IST
Published Date: September 23, 2026 7:44 pm IST

नयी दिल्ली, 23 सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में लगातार तीसरे दिन गिरावट आई। बुधवार को सोने की कीमतें 900 रुपये टूटकर 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गईं। इसकी वजह मजबूत डॉलर और कमजोर वैश्विक रुख से निवेशकों की कारोबारी धारणा का प्रभावित होना था।

स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत मंगलवार को 1,54,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी। हालांकि, चांदी की कीमत लगातार दूसरे दिन 2.42 लाख रुपये प्रति किलोग्राम (सभी कर सहित) पर स्थिर रही।

एलकेपी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषण (जिंस और मुद्रा) विभाग के उपाध्यक्ष, जतिन त्रिवेदी ने कहा, ‘‘बुधवार को सोने में कमजोरी देखी गई क्योंकि व्यापारियों ने ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली की।’’

उन्होंने कहा कि डॉलर इंडेक्स 100.85 के स्तर की ओर बढ़ा, जिससे सर्राफा कीमतों पर और दबाव बढ़ गया।

हालांकि, हाल के दिनों में सोने की कीमतें कमजोर हुई हैं, लेकिन यह कीमती धातु एक साल पहले की तुलना में काफी महंगी है। इस बदलाव से घरेलू ग्राहकों के सोने की खरीद के तरीके में भी बदलाव आ रहा है।

चॉइस वेल्थ के शोध एवं उत्पाद प्रमुख, अक्षत गर्ग के अनुसार, गणेश चतुर्थी की बिक्री में 15 प्रतिशत की गिरावट का मतलब यह नहीं है कि भारतीयों का सोने के प्रति लगाव कम हो गया है। बल्कि, यह उनके सोने की खरीद के तरीके में बदलाव को दर्शाता है।

गर्ग ने कहा, ‘‘एक साल में घरेलू सोने की कीमतें लगभग 60 प्रतिशत बढ़ी हैं -और यह 98,000 रुपये से बढ़कर 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई हैं। इसकी वजह वैश्विक तेजी, रुपये की गिरती कीमत और अप्रैल में आयात शुल्क का छह से 15 प्रतिशत तक बढ़ना है।’’

कोटक सिक्योरिटीज में जिंस शोध विभाग की एवीपी, कायनात चैनवाला ने कहा, ‘‘हाजिर सोने की कीमत 4,320 डॉलर प्रति औंस से नीचे आ गई और चांदी की कीमत भी गिरकर 65 डॉलर के करीब रही। डॉलर मजबूत होकर 100.86 के स्तर पर पहुंच गया, जो जुलाई के बाद से इसका सबसे ऊंचा स्तर है। फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के सख्त रुख वाले बयानों से और मौद्रिक सख्ती की संभावना बढ़ी है।’’

चैनवाला ने कहा कि सख्त मौद्रिक नीति की ऐसी उम्मीदों का असर सोना-चांदी पर पड़ा। जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो सोने जैसी कीमती धातुएं निवेशकों के लिए कम आकर्षक हो जाती हैं और उन पर दबाव बनता है। भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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