दूरसंचार कंपनियों का सकल राजस्व मार्च तिमाही में 6.9 प्रतिशत बढ़कर 1.05 लाख करोड़ रुपये पर

दूरसंचार कंपनियों का सकल राजस्व मार्च तिमाही में 6.9 प्रतिशत बढ़कर 1.05 लाख करोड़ रुपये पर

दूरसंचार कंपनियों का सकल राजस्व मार्च तिमाही में 6.9 प्रतिशत बढ़कर 1.05 लाख करोड़ रुपये पर
Modified Date: June 22, 2026 / 10:22 pm IST
Published Date: June 22, 2026 10:22 pm IST

नयी दिल्ली, 22 जून (भाषा) जनवरी-मार्च, 2026 की तिमाही में दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनियों का कुल सकल राजस्व 6.9 प्रतिशत बढ़कर 1.05 लाख करोड़ रुपये हो गया। दूरसंचार नियामक ट्राई की मंगलवार को जारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने कहा कि एक साल पहले की समान अवधि में दूरसंचार कंपनियों का सकल राजस्व 98,250 करोड़ रुपये था।

रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च तिमाही में इन कंपनियों का समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) 9.45 प्रतिशत बढ़कर 86,716 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 79,226 करोड़ रुपये था।

एजीआर में दूरसंचार सेवाओं से आय के साथ लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क जैसे सरकारी उपकर भी शामिल होते हैं।

कुल एजीआर में रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया जैसी दूरसंचार कंपनियों की हिस्सेदारी 83.59 प्रतिशत रही।

रिलायंस जियो 32,467.88 करोड़ रुपये एजीआर के साथ शीर्ष पर रही जबकि भारती एयरटेल 28,773.59 करोड़ रुपये राजस्व के साथ दूसरे और वोडाफोन आइडिया 8,195.12 करोड़ रुपये के साथ तीसरे स्थान पर रही।

सरकारी कंपनी बीएसएनएल का एजीआर 6.19 प्रतिशत घटकर 2,100.96 करोड़ रुपये रहा, जबकि इसकी सहयोगी एमटीएनएल का एजीआर 8.54 प्रतिशत बढ़कर 333.71 करोड़ रुपये हो गया।

मार्च तिमाही में सरकार का लाइसेंस शुल्क संग्रह 9.41 प्रतिशत बढ़कर 6,936 करोड़ रुपये हो गया, जबकि स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क 1.68 प्रतिशत बढ़कर 1,017 करोड़ रुपये रहा।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय


लेखक के बारे में