सिंधिया ने डाक विभाग को संचार विभाग के पेंशन मंच के साथ एकीकरण के लिए एक सप्ताह का समय दिया

सिंधिया ने डाक विभाग को संचार विभाग के पेंशन मंच के साथ एकीकरण के लिए एक सप्ताह का समय दिया

सिंधिया ने डाक विभाग को संचार विभाग के पेंशन मंच के साथ एकीकरण के लिए एक सप्ताह का समय दिया
Modified Date: April 2, 2026 / 03:06 pm IST
Published Date: April 2, 2026 3:06 pm IST

नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने डाक विभाग को दूरसंचार विभाग के मंच ‘संपन्न’ के साथ अपनी पेंशन सेवाओं को जोड़ने के लिए बृहस्पतिवार को एक सप्ताह का समय दिया।

राष्ट्रीय राजधानी में एक कार्यक्रम में सिंधिया ने दोनों विभागों के शीर्ष अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मौजूदा चर्चाओं को समाप्त करें और इससे जुड़ने के काम को तुरंत अंतिम रूप दें।

सिंधिया ने कहा, ‘‘ डाक विभाग ‘संपन्न’ मंच का उपयोग क्यों नहीं कर रहा है? मैं चाहता हूं कि इस कार्यक्रम के तुरंत बाद (अधिकारी) मिलें। ’’

उन्होंने कहा कि आंतरिक चर्चाएं लंबी खिंच रही हैं…‘‘ बातचीत का सिलसिला कभी खत्म नहीं होता। इसलिए, मैं चाहता हूं कि अगले सप्ताह के अंत तक यह मामला सुलझ जाए।’’

मंत्री ने सहारनपुर स्थित डाक प्रशिक्षण केंद्र (पीटीसी) की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात कही।

इस कार्यक्रम में सिंधिया ने पीटीसी की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में एक स्मारक डाक टिकट भी जारी किया।

इसी कार्यक्रम में गोवा सरकार और कोचीन बंदरगाह प्राधिकरण ने दूरसंचार विभाग (डीओटी) के डिजिटल मंच ‘संपन्न’ से जुड़ने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए।

संचार लेखा नियंत्रक जनरल कार्यालय (सीजीसीए) द्वारा विकसित एवं संचालित तथा उसके स्वामित्व वाला मंच ‘संपन्न’ (पेंशन के लेखांकन व प्रबंधन प्रणाली) पेंशनभोगियों के लिए एक एकीकृत, ऑनलाइन पेंशन प्रबंधन प्रणाली है। यह पेंशन की प्रक्रिया, स्वीकृति एवं पेंशनभोगियों के बैंक खाते में सीधे पेंशन वितरण की सुविधा मुहैया कराता है।

इस मंच के माध्यम से वर्तमान में दूरसंचार विभाग, बीएसएनएल, एमटीएनएल और वीएसएनएल से जुड़े लगभग 4.8 लाख दूरसंचार पेंशनभोगियों के खातों में पेंशन सीधे जमा की जाती है।

दूरसंचार विभाग अब ‘संपन्न’ को ‘प्लेटफॉर्म ऐज ए सर्विस’ (पीएएएस) के रूप में अन्य विभागों, राज्य सरकारों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) को भी उपलब्ध करा रहा है।

भाषा निहारिका अजय

अजय


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