Chicken shops closed: नॉनवेज खाने वालों को बड़ा झटका! पूरे प्रदेशभर में 50 हजार से ज्यादा चिकन की दुकानें बंद, इस वजह से दुकानदारों ने लिया ये फैसला

Chicken shops closed: नॉनवेज खाने वालों को बड़ा झटका! पूरे प्रदेशभर में 50 हजार से ज्यादा चिकन की दुकानें बंद, इस वजह से दुकानदारों ने लिया ये फैसला

Chicken shops closed: नॉनवेज खाने वालों को बड़ा झटका! पूरे प्रदेशभर में 50 हजार से ज्यादा चिकन की दुकानें बंद, इस वजह से दुकानदारों ने लिया ये फैसला

Chicken shops closed | Photo Credit: IBC24

Modified Date: April 2, 2026 / 01:18 pm IST
Published Date: April 2, 2026 1:17 pm IST
HIGHLIGHTS
  • 50,000 से अधिक चिकन दुकानें बंद
  • तेलंगाना में अनिश्चितकालीन हड़ताल
  • दुकानदारों का आरोप — लाभ मार्जिन घटाकर 26 रुपये से 16 रुपये कर दिया गया

नई दिल्ली: Chicken shops closed अगर आप भी नॉनवेज खाते हैं तो ये खबर आपके लिए है। तेलंगाना के चिकन दुकानदारों ने 1 अप्रैल से अपनी दुकानों को बंद करने का फैसला लिया है। राज्य भर में करीब 50 हजार से अधिक चिकन की दुकानें बंद कर दी गई है। जिससे बाजारों में चिकन की भारी कमी देखने को मिल रही है।

Chicken shops closed in Telangana दरअसल, पोल्टी कंपनियों द्वारा चिकन बिक्री में लाभ मार्जिन में भारी कमी देखने को मिली है और दुकानदारों को इससे लगातार नुकसान झेलना पड़ रहा है। जिसके चलते तेलंगाना में चिकन शॉप ओनर्स एसोसिएशन ने पूरे राज्यभर में हड़ताल का ऐलान किया है। एसोसिएशन के अनुसार, कॉर्पोरेट आउटलेट्स को छोड़कर, राज्य भर में 50,000 खुदरा चिकन की दुकानें बंद रहेंगी। दुकान मालिकों ने कहा कि उन्हें प्रति किलोग्राम चिकन पर मिलने वाला कमीशन काफी कम कर दिया गया है, जिसके चलते ये फैसला लिया गया है।

क्यों धरना कर रहे चिकेन दुकानदार?

एसोसिएशन की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि लगातार चिकन व्यापारी कंपनियों की मनमानी का शिकार हो रहे हैं। उन्हें लगातार नुकसान हो रहा है। जिसकी वजह से वे आर्थिक रूप से कमजोर हो गए हैं। जिसके विरोध में 1 अप्रैल से अनिश्चितकालीन बंद का ऐलान किया गया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष गड्डामीडी राजू ने स्थानीय मीडिया से बातचीत में बताया कि पिछले दो दशकों से खुदरा विक्रेताओं को प्रति किलो चिकन पर लगभग 26 रुपये का मार्जिन मिलता आ रहा था, लेकिन हाल ही में इसे घटाकर करीब 16 रुपये कर दिया गया है, जिससे व्यापार पर सीधा असर पड़ा है।

कब तक बंद रहेंगी दुकानें?

वहीं संगठन का कहना है कि जब तक पोल्ट्री कंपनियां बातचीत के लिए आगे नहीं आतीं और उनकी मांगे पूरा नहीं होती तबतक हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने सरकार से बड़े पोल्ट्री कंपनियों और छोटे दुकानदारों के बीच के मुद्दे को सुलझाने के लिए हस्तक्षेप करने की बात कही है।

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