बजट दस्तावेजों की छपाई का काम नॉर्थ ब्लॉक की प्रेस में ही होगा

बजट दस्तावेजों की छपाई का काम नॉर्थ ब्लॉक की प्रेस में ही होगा

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  • Publish Date - January 15, 2026 / 07:34 PM IST,
    Updated On - January 15, 2026 / 07:34 PM IST

नयी दिल्ली, 15 जनवरी (भाषा) वित्त मंत्रालय का मुख्यालय नई सचिवालय इमारत ‘कर्तव्य भवन’ में स्थानांतरित हो जाने के बावजूद बजट संबंधी बेहद गोपनीय दस्तावेजों की छपाई का काम पुराने मुख्यालय नॉर्थ ब्लॉक में स्थित सरकारी प्रेस में ही होगा। सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

सूत्रों के मुताबिक, बजट और उससे जुड़े दस्तावेजों की छपाई नॉर्थ ब्लॉक में स्थित सरकारी प्रेस में ही होगी। इसकी वजह यह है कि कर्तव्य भवन में अभी तक प्रिंटिंग प्रेस मौजूद नहीं है।

वित्त मंत्री और उनकी अधिकांश टीम सितंबर, 2025 में ही नॉर्थ ब्लॉक से निकलकर नवनिर्मित कर्तव्य भवन में स्थानांतरित हो गई थी।

पहले बजट की छपाई का काम राष्ट्रपति भवन में होता था, जिसे 1950 में मिंटो रोड स्थित प्रेस में स्थानांतरित किया गया था। वर्ष 1980 से यह काम नॉर्थ ब्लॉक की प्रेस में होता रहा है।

बजट दस्तावेजों की कई सौ प्रतियां छापने की प्रक्रिया इतनी संवेदनशील और जटिल होती है कि इसकी छपाई से जुड़े कर्मचारियों एवं अधिकारियों को प्रेस के भीतर ही दो सप्ताह तक रखा जाता है। इस दौरान इस कार्य में शामिल अधिकारियों की पहुंच सख्त तौर पर प्रतिबंधित रहती है।

बजट छपाई शुरू होने के साथ ही पारंपरिक ‘हलवा’ समारोह आयोजित किया जाएगा, जो छपाई प्रक्रिया की शुरुआत का प्रतीक होता है। यह समारोह अगले सप्ताह होने की संभावना है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगी। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा।

वित्त मंत्री ने 2021 में बजट को पहली बार कागज-रहित किया था। उस साल उन्होंने बजट टैबलेट पर पढ़ा और सभी दस्तावेज सांसदों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से वितरित किए गए थे।

इसके साथ ही ‘यूनियन बजट मोबाइल ऐप’ भी पेश किया गया था ताकि आम जनता और सांसदों को बजट दस्तावेजों तक आसान डिजिटल पहुंच मिल सके।

इस मोबाइल ऐप में कुल 14 बजट दस्तावेज शामिल हैं, जिनमें वार्षिक वित्तीय विवरण, अनुदान मांग, वित्त विधेयक और अन्य संबंधित दस्तावेज हैं।

यह स्वतंत्र भारत के इतिहास का पहला मौका था जब केंद्रीय बजट की प्रतियां बड़े पैमाने पर प्रकाशित नहीं की गई थीं। आजादी के बाद पहला बजट 26 नवंबर, 1947 को पेश किया गया था।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण