मुंबई, तीन सितंबर (भाषा) रुपया बृहस्पतिवार को शुरुआती कारोबार में 47 पैसे की तेजी के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.26 पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा अनिवासी (बैंक) यानी एफसीएनआर (बी) जमा में उम्मीद से काफी अधिक राशि जुटने से रुपये को समर्थन मिला।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि रुपये की चाल मजबूत पूंजी प्रवाह और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आक्रामक हस्तक्षेप को दर्शाती है, जिसने कच्चे तेल की ऊंची कीमतों तथा वैश्विक बॉन्ड प्रतिफल में वृद्धि के नकारात्मक असर को बेअसर किया है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.30 प्रति डॉलर पर खुला। फिर बढ़त हासिल करते हुए 94.26 प्रति डॉलर के स्तर तक पहुंच गया जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 47 पैसे की बढ़त है।
रुपया बुधवार को 22 पैसे की तेजी के साथ 94.73 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को मापने वाला डॉलर सूचकांक 0.16 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 99.43 पर रहा। अमेरिका-ईरान तनाव फिर बढ़ने के बीच सुरक्षित निवेश की मांग से डॉलर सूचकांक में यह गिरावट आई।
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल का भाव वायदा कारोबार में 0.16 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 95.48 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने और होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिये तेल की आपूर्ति बाधित होने की आशंका के कारण कच्चे तेल की कीमतों में यह गिरावट सीमित रही।
घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 221.17 अंक बढ़कर 76,791.52 अंक पर जबकि निफ्टी 59.55 अंक की बढ़त के साथ 23,974 अंक पर रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को शुद्ध रूप से 6,688.37 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को कहा था कि 31 अगस्त तक विदेशी मुद्रा अनिवासी (बैंक) यानी एफसीएनआर (बी) जमा के जरिये 127.226 अरब डॉलर का निवेश आया था।
विदेशी मुद्रा में विदेशों से लिए गए कर्ज (ओएफसीबी) और विदेशी वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) को शामिल करने पर इन उपायों के तहत कुल पूंजी प्रवाह 136.377 अरब डॉलर रहा।
भाषा निहारिका
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