मुंबई, 28 जनवरी (भाषा) महीने के अंत में डॉलर की मांग आने से बुधवार को रुपया 31 पैसे की बड़ी गिरावट के साथ 91.99 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। रुपया एक सप्ताह से भी कम समय में दूसरी बार अपने रिकॉर्ड निचले स्तर पर रहा।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर सूचकांक में नरमी और यूरोप के साथ लंबे समय से प्रतीक्षित व्यापारिक समझौते से मिली राहत से रुपया मजबूती से खुला था। लेकिन विदेशी पूंजी की निकासी के दबाव और वैश्विक स्तर पर जारी तनाव से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 91.60 प्रति डॉलर पर खुला और कारोबार के दौरान 91.50 प्रति डॉलर के उच्च स्तर तक गया। लेकिन बाद में रुपया डॉलर के मुकाबले 91.99 के निचले स्तर तक फिसल गया।
कारोबार के अंत में रुपया 31 पैसे की गिरावट के साथ 91.99 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। इसके पहले 23 जनवरी को भी रुपया 91.99 प्रति डॉलर पर रहा था।
रुपया मंगलवार को अपने सर्वकालिक निचले स्तर से उबरते हुए 22 पैसे चढ़कर 91.68 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
विश्लेषकों ने कहा कि डॉलर सूचकांक में नरमी के बीच रुपये ने ऊंचे स्तर पर शुरुआत की थी लेकिन महीने के अंत में डॉलर की मांग आने और खराब निवेशक धारणा से यह सबसे निचले स्तर पर चला गया।
छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ 96.14 पर रहा।
घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 487.20 अंक चढ़कर 82,344.68 अंक पर जबकि निफ्टी 167.35 अंक की बढ़त के साथ 25,342.75 अंक पर बंद हुआ।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ 67.28 डॉलर प्रति बैरल रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को शुद्ध रूप से 480.26 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
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