NCP Political Future, image source: ibc24 file image
मुंबई/नई दिल्ली। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का 66 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। (Ajit pawar death ncp political future) बुधवार सुबह बारामती जाते समय उनके विमान में तकनीकी खराबी आ गई और हादसे में उनकी मौत हो गई। इस खबर ने पवार परिवार और उनके समर्थकों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
35 साल के करियर में वे 6 बार उपमुख्यमंत्री और 8 बार विधायक रहे। महाराष्ट्र के सबसे बड़े बजट पेश करने वाले वित्त मंत्री के रूप में उनकी पहचान रही। (Ajit pawar death ncp political future) जल संसाधन और ऊर्जा जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाली। शरद पवार की छत्रछाया से निकलकर उन्होंने 2023 में एनसीपी पर अपना कब्जा जमाया और अलग राह चुनी।
अजित पवार के निधन के बाद पार्टी नेतृत्व को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कुछ नामों की चर्चा करें तो प्रफुल्ल पटेल, अजित पवार के बाद पार्टी में नंबर दो की हैसियत रखते थे। (Ajit pawar death ncp political future) लेकिन उनकी छवि “वाइट कॉलर” नेता की रही है, जमीनी पकड़ कम है। वहीं छगन भुजबल की बात करें तो, वे महाराष्ट्र की राजनीति में मजबूत पकड़ रखते हैं। कई बार सरकार में शामिल रहे और संगठन में प्रभावशाली हैं।
इनके अलावा सुनेत्रा पवार की बात करें तो अजित पवार की पत्नी, जिन्हें 2024 में राजनीति में लाया गया। (Ajit pawar death ncp political future) फिलहाल राज्यसभा सांसद हैं, लेकिन अनुभव सीमित है। वहीं अगला नाम है पार्थ पवार को जो अजित पवार के बेटे, 2019 लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। उन्हें सियासी वारिस माना जाता है, लेकिन अनुभव कम है।
अजित पवार के साथ गए कई नेता मूल रूप से शरद पवार के ही सिपहसलार रहे हैं। विधानसभा चुनाव के बाद चाचा-भतीजे के रिश्तों में सुधार हुआ था। (Ajit pawar death ncp political future) पुणे नगर निगम चुनाव में दोनों गुटों ने मिलकर चुनाव लड़ा था। अब संभावना है कि शरद पवार फिर से एनसीपी की कमान संभालकर पार्टी को एकजुट करने की कोशिश करें।
साफ है कि अजित पवार के निधन से एनसीपी का भविष्य अनिश्चित हो गया है। (Ajit pawar death ncp political future) पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती है— नेतृत्व तय करना। संगठन को एकजुट रखना और महाराष्ट्र की राजनीति में अपनी पकड़ बनाए रखना। अब देखना होगा कि एनसीपी की कमान शरद पवार, प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल या फिर अजित पवार के परिवार से कोई संभालता है।