देश के प्रमुख बंदरगाहों पर अप्रैल-नवंबर में तापीय कोयले का आयात 17 प्रतिशत घटा : आईपीए

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देश के प्रमुख बंदरगाहों पर अप्रैल-नवंबर में तापीय कोयले का आयात 17 प्रतिशत घटा : आईपीए

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  • Publish Date - December 13, 2020 / 08:18 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:14 PM IST

नयी दिल्ली, 13 दिसंबर (भाषा) देश के 12 प्रमुख बंदरगाहों पर चालू वित्त वर्ष के पहले आठ माह (अप्रैल-नवंबर) में तापीय कोयले का आयात सालाना आधार पर 17.22 प्रतिशत घटकर 4.81 करोड़ टन रहा है।

भारतीय बंदरगाह संघ (आईपीए) ने यह जानकारी दी है। कोविड-19 संकट की वजह से इस दौरान कोकिंग कोयले का आयात भी 14.71 प्रतिशत घटकर 3.15 करोड़ टन रह गया। देश के 12 प्रमुख बंदरगाहों पर नवंबर में लगातार आठवें महीने कोयला आयात में गिरावट आई है।

इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में इन बंदरगाहों पर तापीय कोयले का आयात 5.81 करोड़ टन और कोकिंग कोयले का आयात 3.69 करोड़ टन रहा था।

देश का ऊर्जा क्षेत्र बिजली उत्पादन के लिए काफी हद तक तापीय कोयले पर निर्भर करता है। देश में 70 प्रतिशत बिजली उत्पादन कोयला आधारित है।

वहीं कोकिंग कोयले का इस्तेमाल मुख्य रूप से इस्पात विनिर्माण में होता है।

चीन और अमेरिका के बाद भारत तीसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक देश है। देश में 299 अरब टन के कोयला संसाधन है। इनमें से करीब 123 अरब टन का पुष्ट भंडार है। भारत का कोयला भंडार 100 साल तक कायम रह सकता है।

देश के 12 प्रमुख बंदरगाह…दीनदायल (पूर्ववर्ती कांडला) मुंबई, जेएनपीटी, मोर्मुगाव, न्यू मेंगलूर, कोचिन, चेन्नई, कामराजार (एन्नोर), वी ओ चिदंबरनार, विशाखापत्तनम, पारादीप और कोलकाता (हल्दिया सहित) हैं।

भाषा अजय अजय मनोहर

मनोहर