तंबाकू बोर्ड ने एफसीवी तंबाकू गांठ के वर्गीकरण के लिए कोन्सटेम्स एआई से हाथ मिलाया

तंबाकू बोर्ड ने एफसीवी तंबाकू गांठ के वर्गीकरण के लिए कोन्सटेम्स एआई से हाथ मिलाया

तंबाकू बोर्ड ने एफसीवी तंबाकू गांठ के वर्गीकरण के लिए कोन्सटेम्स एआई से हाथ मिलाया
Modified Date: August 10, 2026 / 09:10 pm IST
Published Date: August 10, 2026 9:10 pm IST

नयी दिल्ली, 10 अगस्त (भाषा) भारतीय तंबाकू बोर्ड ने आंध्र प्रदेश में कुछ नीलामी मंचों पर फ्लू-क्योर्ड वर्जिनिया (एफसीवी) तंबाकू गांठ का एआई-संचालित वर्गीकरण (ग्रेडिंग) शुरू करने के लिए कोन्सटेम्स एआई प्राइवेट लिमिटेड के साथ साझेदारी की है।

इस साझेदारी में तंबाकू ग्रेडिंग को तेज, ज्यादा एक जैसा और ज्यादा पारदर्शी बनाने के लिए कंप्यूटर दृष्टिकोण और ‘डीप लर्निंग’ का इस्तेमाल किया जाएगा।

बोर्ड के सचिव ने कहा, ‘‘तंबाकू बोर्ड एफसीवी तंबाकू के विपणन के लिए ई-नीलामी कर रहा है, और नीलामी प्रक्रिया में वर्गीकरण ही एकमात्र शारीरिक रूप से किया जाने वाला काम है। तंबाकू की एआई-आधारित ग्रेडिंग से ‘मैनुअल’ दखल कम होगा और ई-नीलामी प्रणाली में मौजूद एकमात्र शारीरिक काम मशीन संचालित हो जाएगा।’’

एआई-सुलभ ग्रेडिंग के सफल कार्यान्वयन से नीलामी मंच पर तंबाकू वर्गीकरण में पारदर्शिता, एकरूपता और दक्षता बढ़ने और उत्पादकों और खरीदारों दोनों का भरोसा मजबूत होने की उम्मीद है।

कोन्सटेम्स एआई के सह-संस्थापक और मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीटीओ) अमित श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘तंबाकू बोर्ड के साथ सहयोग के जरिये, हम कृषि मूल्य श्रृंखला के सबसे अहम हिस्सों में से एक में ‘विजन एआई’ ला रहे हैं।’’

तंबाकू की हर पत्ती में रंग और बनावट से लेकर दाग, गुणवत्ता के दिखने वाले संकेत होते हैं। चुनौती इन संकेतों को लगातार, बड़े पैमाने पर और वास्तविक समय में पढ़ने की है, खासकर नीलामी के माहौल में जहां ग्रेडिंग सीधे किसान के मूल्य पर असर डालती है।

उन्होंने बयान में कहा, ‘‘हमारे लिए, यह एक बड़े दृष्टिकोण का भी हिस्सा है। ऐसा एआई बनाना जो सिर्फ नियंत्रित माहौल तक सीमित न रहे, बल्कि असल दुनिया के लिए एक एक ऐसा रूप देना है जिससे उद्योग, संस्थानों और समुदायों को बेहतर देखने, तेजी से फैसला लेने और ज्यादा भरोसे के साथ काम करने में मदद मिले।’’

तंबाकू बोर्ड के नीलामी पारिस्थितिकी तंत्र में, एफसीवी तंबाकू की ग्रेडिंग अभी योग्य वर्गीकरणकर्ताओं द्वारा शारीरिक रूप से की जाती है।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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