कनाडा के साथ व्यापार समझौते पर वार्ता इस साल के अंत से पहले पूरी होने की उम्मीदः गोयल
कनाडा के साथ व्यापार समझौते पर वार्ता इस साल के अंत से पहले पूरी होने की उम्मीदः गोयल
(तस्वीर के साथ)
नयी दिल्ली, 26 मई (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि भारत और कनाडा के अधिकारी प्रस्तावित मुक्त व्यापार (एफटीए) समझौते पर वार्ता कर रहे हैं और इस साल के अंत से पहले संभवतः अक्टूबर तक यह वार्ता पूरी हो सकती है।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के व्यवसायों के लिए नवाचार, समुद्री भोजन, शिक्षा, वित्त, बीमा, जैव प्रौद्योगिकी और फार्मास्युटिकल्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अपार अवसर मौजूद हैं।
गोयल ने टोरंटो में एक व्यापारिक कार्यक्रम में कहा कि भारत और कनाडा के प्रधानमंत्रियों ने कनाडा के व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू और मुझे यह सुनिश्चित करने का काम सौंपा है कि हम साल के अंत से पहले व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) को अंतिम रूप दें।
मंत्री 25 मई से तीन-दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर कनाडा में मौजूद है और वह 100 से अधिक कंपनियों के उद्योग जगत के प्रमुखों के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने नवंबर के अंत तक, यानी जी20 शिखर सम्मेलन से पहले वार्ता को पूरा करने का सुझाव दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘शुक्र है कि उन्होंने यह नहीं कहा कि हमें जी20 व्यापार मंत्रिस्तरीय बैठक से पहले ही काम पूरा कर देना चाहिए, क्योंकि वह अक्टूबर में है, लेकिन संभवतः हम ऐसा कर सकते हैं।’’
अमेरिका की अध्यक्षता में इस बार 2026 का जी20 शिखर सम्मेलन 14-15 दिसंबर, 2026 को मियामी में आयोजित होने वाला है।
गोयल ने कहा, “हमारा उद्देश्य मौजूदा 17 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर वर्ष 2030 तक 50 अरब डॉलर करना भी है।”
कार्नी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है और यह कनाडाई कामगारों तथा कारोबार के लिए ‘पासा पलटने’ वाला साबित होगा।’ उन्होंने ऊर्जा, कृषि-खाद्य, प्रौद्योगिकी और शिक्षा क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं का भी उल्लेख किया।
दोनों देश व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर बातचीत कर रहे हैं। इस संबंध में अब तक दो दौर की वार्ता पूरी हो चुकी है, जबकि तीसरा दौर 25 से 29 मई तक ओटावा में चल रहा है।
भारत की ओर से संयुक्त सचिव बृजमोहन मिश्रा मुख्य वार्ताकार हैं, जबकि कनाडा की ओर से ब्रूस क्रिस्टी यह भूमिका निभा रहे हैं।
भारत से कनाडा को होने वाले प्रमुख निर्यात में दवाइयां, लोहा एवं इस्पात, समुद्री उत्पाद, सूती वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक सामान और रसायन शामिल हैं। वहीं, कनाडा से भारत को आयात में दालें, मोती और अर्द्ध-कीमती पत्थर, कोयला, उर्वरक, कागज और कच्चा पेट्रोलियम प्रमुख हैं।
दोनों देशों के बीच संबंधों में आई नयी सक्रियता जून, 2025 में कनाडा के कनानास्किस में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके कनाडाई समकक्ष कार्नी के बीच हुई वार्ता के बाद आई है।
दोनों पक्षों ने नवंबर, 2025 में समझौते के लिए बातचीत फिर से शुरू करने की घोषणा की।
कनाडा में 4.25 लाख से अधिक भारतीय छात्र रहते हैं और वहां भारतीय मूल के लोगों का बड़ा समुदाय भी रहता है।
भाषा यासिर अजय
अजय

Facebook


