ट्राई ने यूटिलिटी, लॉजिस्टिक कंपनियों के लिए 1601 नंबर श्रृंखला अनिवार्य की
ट्राई ने यूटिलिटी, लॉजिस्टिक कंपनियों के लिए 1601 नंबर श्रृंखला अनिवार्य की
नयी दिल्ली, 10 अगस्त (भाषा) दूरसंचार नियामक ट्राई ने सोमवार को बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं एवं बीमा (बीएफएसआई) तथा सार्वजनिक क्षेत्र के अलावा अन्य क्षेत्रों की सेवा और लेनदेन संबंधी कॉल के लिए अलग 1601 नंबर श्रृंखला के इस्तेमाल का निर्देश दिया।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने कहा कि पहले चरण में 1601 नंबर श्रृंखला का उपयोग बिजली, पानी, रसोई गैस, शहर गैस, कूरियर और लॉजिस्टिक क्षेत्र की कंपनियां अपने ग्राहकों को सेवा और लेनदेन संबंधी कॉल करने के लिए करेंगी। इन नंबरों का उपयोग किसी भी तरह की प्रचार (प्रमोशनल) कॉल के लिए नहीं किया जा सकेगा।
अभी 1600 नंबर श्रृंखला का उपयोग केवल बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा (बीएफएसआई) क्षेत्र तथा सरकारी संस्थाओं की सेवा और लेनदेन संबंधी कॉल के लिए किया जाता है।
ट्राई ने कहा कि बीएफएसआई और सरकारी संस्थाओं की कॉल संवेदनशील और महत्वपूर्ण होती हैं। इसलिए अन्य क्षेत्रों की सेवा संबंधी कॉल के लिए अलग 1601 श्रृंखला शुरू की गई है, ताकि दोनों तरह की कॉल में भ्रम न हो।
नियामक के अनुसार, हितधारकों से चर्चा के बाद पहले चरण में उपयोगिता सेवाओं (यूटिलिटीज), कूरियर और लॉजिस्टिक क्षेत्र को 1601 श्रृंखला में शामिल किया गया है। 1601 नंबर सीधे पात्र कंपनियों को दिए जाएंगे। दूरसंचार सेवा प्रदाता (टीएसपी) कंपनियों की पात्रता की जांच करने के बाद ही ये नंबर आवंटित करेंगे। किसी बिचौलिये या एग्रीगेटर को यह नंबर नहीं दिए जाएंगे।
ट्राई का कहना है कि नई नंबर श्रृंखला से जालसाजों द्वारा सामान्य 10 अंक के मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर कंपनियों के नाम पर धोखाधड़ी करने की घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही उपभोक्ता आसानी से पहचान सकेंगे कि कॉल किसी वास्तविक सेवा प्रदाता की है।
पहले चरण में 1601 श्रृंखला बिजली वितरण कंपनियों, जलापूर्ति सेवाओं, शहर गैस वितरण कंपनियों, एलपीजी वितरकों तथा अन्य उपयोगिता सेवा प्रदाताओं के अलावा कूरियर, एक्सप्रेस लॉजिस्टिक, पार्सल डिलिवरी और माल ढुलाई से जुड़ी कंपनियों को दी जाएगी।
ट्राई ने दूरसंचार कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे पहले चरण के तहत आने वाली पात्र कंपनियों का 90 दिन के भीतर नए नंबरों पर स्थानांतरण और पंजीकरण पूरा करें।
नियामक ने कहा कि दूरसंचार कंपनियां नंबर आवंटित करने से पहले कंपनियों की पात्रता की जांच करेंगी और उनसे यह लिखित आश्वासन लेंगी कि इन नंबर का उपयोग केवल सेवा और लेनदेन संबंधी कॉल के लिए ही किया जाएगा।
ट्राई ने स्पष्ट किया कि 140 नंबर श्रृंखला केवल पंजीकृत संस्थाओं की प्रचार कॉल के लिए है, जबकि 1600 श्रृंखला बीएफएसआई और सरकारी संस्थाओं की सेवा एवं लेनदेन संबंधी कॉल के लिए आरक्षित है।
हाल ही में ट्राई और ट्रूकॉलर के बीच 140 और 1600 नंबरों पर स्पैम टैग दिखाने को लेकर विवाद हुआ था। ट्राई ने दोहराया कि 1600 नंबर पर किसी प्रकार का स्पैम टैग नहीं लगाया जाना चाहिए, क्योंकि इनका उपयोग बैंकों, वित्तीय संस्थानों, बीमा कंपनियों और सरकारी एजेंसियों की महत्वपूर्ण सूचनाएं, जैसे लेनदेन की पुष्टि और धोखाधड़ी संबंधी चेतावनी, देने के लिए किया जाता है।
भाषा योगेश अजय
अजय

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