परिवहन मंत्रालय ने अप्रैल से नए दोपहिया वाहनों में केवल लो-बीम पर ऑटोमैटिक हेडलैंप का प्रस्ताव रखा
परिवहन मंत्रालय ने अप्रैल से नए दोपहिया वाहनों में केवल लो-बीम पर ऑटोमैटिक हेडलैंप का प्रस्ताव रखा
नयी दिल्ली, 27 अगस्त (भाषा) सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने नए दोपहिया वाहनों में ‘ऑटोमैटिक हेडलैंप’ को केवल पासिंग बीम यानी लो-बीम मोड में संचालित करने की अनिवार्यता का प्रस्ताव रखा है। इस व्यवस्था को एक अप्रैल, 2028 से लागू करने की योजना है।
इस कदम का मकसद सामने से आ रहे वाहनों की तेज लाइट के कारण अन्य वाहन चालकों को होने वाली परेशानियों को कम करना और उनके लिए दृश्यता बेहतर करना है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने अधिसूचना के मसौदे में कहा, ‘‘एक अप्रैल, 2028 या उसके बाद ऑटोमैटिक हेडलैंप ऑन (एएचओ) प्रणाली केवल पासिंग बीम में ही काम करेगी।’’
एएचओ प्रणाली वाहन की सेटिंग के आधार पर हेडलैंप को लो-बीम या हाई-बीम पर संचालित कर सकती है।
प्रस्तावित नियम के तहत जब ऑटोमैटिक प्रणाली सक्रिय होगी, तब हेडलैंप लो-बीम पर ही रहेगा।
मसौदे के अनुसार, हाई-इंटेंसिटी हेडलैंप के लिए दोपहिया वाहनों में अधिकतम अनुमत रोशनी की तीव्रता को 1.5 लाख कैंडेला (सीडी) से घटाकर एक लाख कैंडेला करने का प्रस्ताव है। वहीं चार पहिया वाहनों के लिए अधिकतम अनुमत रोशनी की तीव्रता को 2.25 लाख कैंडेला से घटाकर 1.5 लाख कैंडेला करने का प्रस्ताव है।
कैंडेला रोशनी की तीव्रता मापने की आधिकारिक इकाई है।
राजमार्ग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इन उपायों का उद्देश्य देश में रात के समय होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करना है।
भाषा यासिर अजय
अजय

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