पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रभाव से निपटने के लिए टायर विनिर्माताओं ने सरकार से मांगा समर्थन

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पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रभाव से निपटने के लिए टायर विनिर्माताओं ने सरकार से मांगा समर्थन

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  • Publish Date - March 12, 2026 / 07:28 PM IST,
    Updated On - March 12, 2026 / 07:28 PM IST

नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) वाहन टायर विनिर्माता संघ (एटीएमए) ने बृहस्पतिवार को कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध से टायर निर्यात बाधित होने, कच्चे माल की लागत बढ़ने और लॉजिस्टिक चुनौतियां पैदा होने की आशंका है। उद्योग ने इन चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार से तत्काल नीतिगत समर्थन की मांग की है।

टायर उद्योग के निकाय ने सरकार को सौंपे एक प्रतिवेदन में भारतीय विनिर्माताओं के लिए इस संघर्ष के गंभीर परिणामों को रेखांकित किया है।

एटीएमए ने सरकार से टायर उद्योग और इसकी आपूर्ति श्रृंखला को ‘आवश्यक’ क्षेत्र की श्रेणी में रखने का अनुरोध किया है, ताकि प्राकृतिक गैस और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

संस्था का कहना है कि इन ईंधन की आपूर्ति में किसी भी व्यवधान का टायर उत्पादन और परिवहन, कृषि, स्वास्थ्य सेवा एवं सार्वजनिक परिवहन जैसे क्षेत्रों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

एटीएमए के चेयरमैन अरुण मामेन ने बयान में कहा, ‘‘बढ़ती लागत और निर्यात अनिश्चितताओं के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय टायर उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित हो सकती है।’’

उन्होंने कहा कि जब भारत निर्यात बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, तो इन चुनौतियों से निपटने के लिए समय पर नीतिगत सहायता मिलना महत्वपूर्ण है।

भाषा सुमित अजय

अजय