वित्तीय धोखाधड़ी के आरोप में यूएचबीवीएनएल का सीएफओ बर्खास्त

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वित्तीय धोखाधड़ी के आरोप में यूएचबीवीएनएल का सीएफओ बर्खास्त

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  • Publish Date - May 4, 2026 / 10:22 PM IST,
    Updated On - May 4, 2026 / 10:22 PM IST

चंडीगढ़, चार मई (भाषा) उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (यूएचबीवीएनएल) ने वित्तीय धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार और सरकारी धन के दुरुपयोग के गंभीर आरोपों के बाद अपने मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) अमित दीवान को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है।

निगम के प्रबंध निदेशक की तरफ से सोमवार को जारी आदेश के मुताबिक, यह कार्रवाई हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीजीसीएल) में वित्त निदेशक के रूप में दीवान की प्रतिनियुक्ति के दौरान कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच के बाद की गई है।

आधिकारिक बयान के अनुसार, जांच में फर्जी बैंकिंग लेनदेन, वित्तीय रिकॉर्ड में हेराफेरी और सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग के मामले सामने आए हैं।

मामले की प्रारंभिक जांच राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने की थी, जिसे अब आगे की जांच के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया गया है।

जांच में आरोप है कि दीवान ने कुछ बैंक अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर अनधिकृत बैंकिंग माध्यमों से सरकारी धन का दुरुपयोग किया।

बयान के मुताबिक, एचपीजीसीएल के धन को निर्धारित सरकारी मानदंडों और पैनल संबंधी दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्माल फाइनेंस बैंक के खातों में स्थानांतरित किया गया था।

एक मामले में 50 करोड़ रुपये की जमा राशि ऐसे खाते में डाली गई, जहां बाद में फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) रिकॉर्ड में कथित रूप से फर्जीवाड़ा किया गया और कई अनधिकृत लेनदेन किए गए।

कॉल डिटेल रिकॉर्ड और गवाहों के बयान के आधार पर यह भी संकेत मिले हैं कि दीवान ने कथित रूप से अवैध लाभ प्राप्त किया, जिसमें छह जनवरी 2026 को 50 लाख रुपये लेने का आरोप शामिल है।

दीवान को 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया था और वह उसी समय से निलंबित चल रहे हैं।

मामले की विस्तृत समीक्षा के बाद सक्षम प्राधिकार ने दीवान के आचरण को ‘अत्यंत आपत्तिजनक’ बताते हुए कहा कि इससे राज्य सरकार और बिजली उपक्रमों की साख को गंभीर नुकसान पहुंचा है।

बर्खास्तगी के आदेश में कहा गया है कि मौजूदा परिस्थितियों में नियमित विभागीय जांच कराना तार्किक रूप से व्यावहारिक नहीं है, क्योंकि इससे साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ और अधीनस्थ अधिकारियों को प्रभावित करने की आशंका थी।

यूएचबीवीएनएल ने 2018 के कर्मचारी (दंड एवं अपील) विनियमों के तहत कार्रवाई करते हुए दीवान को सेवा से स्थायी रूप से हटा दिया है।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण